Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी Delhi Festive Preparations: रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई 3 विशेष समित... वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ...

मां से कहकर गया कुछ देर में आ रहा हूं, ट्रेन से टकराया 15 साल का छात्र, हुई मौत

30

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक हृदय विदारक घटना में रेलवे ट्रैक पार करते समय एक 15 वर्षीय नाबालिग की स्पेशल ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना गुरुवार दोपहर 1 से 2 बजे के बीच नगाड़ा कॉलोनी नई बस्ती कुशमौदा क्षेत्र के पास रेलवे लाइन पर हुई है। मृतक की पहचान प्रदीप पुत्र भूरा परिहार के रूप में हुई है, जो इसी क्षेत्र का निवासी था। प्रदीप के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

बताया जा रहा है कि इस हादसे का शिकार हुआ प्रदीप कुछ देर पहले ही अपनी मां से 10 मिनट में वापस आने की बात कहकर घर से निकला था, और कुछ ही देर बाद उसकी मां को उसके रेलवे पटरी पर पड़े होने की हृदय विदारक खबर मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद अधिकारियों ने ट्रेन रोकी और नीचे उतरकर खुद ही वीडियो और फोटोग्राफी करने लगे। उन्होंने अपनी गाड़ी से एक आरपीएफ जवान को भी घटनास्थल पर निगरानी के लिए उतार दिया था। सूत्रों के मुताबिक, इस विशेष ट्रेन में वरिष्ठ अधिकारी सवार थे, जिनमें शोभना बंदोपाध्याय जीएम और देवाशीष त्रिपाठी डीआरएम के भी मौजूद होने की बात कही जा रही है।

दुर्घटना के बाद लगभग एक से दो घंटे तक मृतक का परिवार रेलवे पटरी पर बिलखता रहा। कैंट पुलिस को सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे और प्रदीप के शव को जिला अस्पताल ले जाया गया। इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि दुर्घटना के बाद आरपीएफ और जीआरपी ने कोई खास मदद नहीं की और आरपीएफ का जवान कैंट पुलिस के इंतजार में खड़ा दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ कार्यालय से आए इन अधिकारियों ने दुर्घटना से पहले गुना स्टेशन का निरीक्षण किया था और इसके बाद वे रुठियाई के लिए रवाना हुए थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। यह घटना पूरे क्षेत्र में शोक का विषय बनी हुई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.