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14 किलो चांदी और सोने से बना ये धनुष-बाण, श्रीनिवासन ने रामलला को किया भेंट

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खबर राम नगरी अयोध्या धाम से है, जहां श्रद्धा और आस्था एक नई ऊंचाई छू रही है. भगवान रामलला के राम दरबार में विराजमान होने से पहले देशभर के रामभक्त तरह-तरह से अपनी भक्ति अर्पित कर रहे हैं. इन्हीं में से एक हैं हैदराबाद निवासी रामभक्त श्रीनिवासन, जिनकी भक्ति और समर्पण की मिसाल आज अयोध्या में चर्चा का विषय बन चुकी है. श्रीनिवासन ने भगवान रामलला को एक बेहद अद्भुत और मूल्यवान भेंट अर्पित की है. 14 किलो चांदी और ढाई सौ ग्राम शुद्ध सोने से निर्मित धनुष और बाण.

यह केवल एक उपहार नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रतीक है उस रामभक्ति का, जो पीढ़ियों से उनके परिवार में संजोई गई है. यह धनुष-बाण, राम दरबार में भगवान राम के प्रतिष्ठित होने से पहले राम मंदिर ट्रस्ट को समर्पित किया गया है. श्रीनिवासन की यह भेंट केवल भौतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी गहरी भावना से जुड़ी हुई है. उनके पिता, जो दो बार अयोध्या में कारसेवा में भाग ले चुके थे, राम मंदिर निर्माण को अपने जीवन का अंतिम उद्देश्य मानते थे.

खुद को रामलला की सेवा में समर्पित किया

उनका सपना था कि प्रभु श्रीराम एक बार फिर भव्य मंदिर में विराजमान हों. पिता की इसी अंतिम इच्छा को पूर्ण करने के लिए श्रीनिवासन ने यह संकल्प लिया और रामलला की सेवा में खुद को समर्पित कर दिया. यह पहली बार नहीं है जब श्रीनिवासन ने रामलला के चरणों में अपनी श्रद्धा समर्पित की हो. सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद, जब राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ, तब भी उन्होंने 8 किलो चांदी की एक ईंट रामलला को अर्पित की थी.

पहले चांदी और सोने की बनी चरण पादुका भेंट की

इसके बाद जब रामलला भव्य महल में विराजमान हुए, तब उन्होंने चांदी और सोने की बनी चरण पादुका भेंट की थी. अब, एक बार फिर उन्होंने 14 किलो चांदी और 250 ग्राम सोने से बना भव्य धनुष-बाण रामलला को समर्पित किया है. इस भेंट को मंदिर में राम दरबार की स्थापना से पहले भक्ति भाव से समर्पित किया गया, जो न केवल एक ऐतिहासिक भेंट है, बल्कि यह भावनात्मक श्रद्धा और पारिवारिक विरासत का भी प्रतीक है.

श्रीनिवासन का यह समर्पण यह दर्शाता है कि रामभक्ति केवल शब्दों में नहीं, कर्म और भावना में प्रकट होती है. उनकी आस्था ने न केवल उनके पिता के स्वप्न को साकार किया, बल्कि समस्त रामभक्तों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया है.

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