Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhiwadi Factory Blast: भिवाड़ी में कपड़े की फैक्ट्री में चल रहा था पटाखों का अवैध काम, धमाके में 7 क... Crime News: शादी की बात करने पहुंचे बॉयफ्रेंड पर भाइयों का खौफनाक हमला, ब्लेड से रेता गला; लगे 18 टा... MP Congress Recruitment: मध्य प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं की भर्ती, 'टैलेंट हंट' के जरिए मिलेगी न... Jodhpur Sadhvi Prem Baisa Case: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में 20 दिन बाद FIR दर्ज, कंपाउंडर पर... Delhi Zoo Animal Adoption: अब आप भी गोद ले सकते हैं बाघ और हिरण, दिल्ली चिड़ियाघर ने जारी की जानवरों... Weather Update 2026: दिल्ली में अगले 24 घंटे में बारिश का 'Yellow Alert', पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर... Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या पर पितरों को कैसे करें प्रसन्न? राशि अनुसार दान से चमक जाएगी ... झांसी में खौफनाक वारदात: होटल मैनेजर को बेल्टों से 40 बार बेरहमी से पीटा, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान! 'कुर्सी के लायक नहीं राहुल गांधी...' नवजोत कौर सिद्धू का कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला, लगाए गंभीर आ... Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण, इन 4 राशियों के लिए होगा बेहद भारी, जानें शुभ-अशुभ फल

MP में लागू हुई राहवीर योजना, घायलों को बचाने पर मिलेगा ‘इनाम’; क्या हैं शर्तें?

3

देश में सड़क हादसों में हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवाते हैं. अक्सर ऐसा देखा गया है कि लोग घायलों की मदद करने से सिर्फ इस डर से पीछे हट जाते हैं कि कहीं पुलिस या कानूनी कार्रवाई में न उलझ जाएं. इसी सोच को बदलने और मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘राहवीर योजना’ शुरू की थी. ‘राहवीर योजना’ को अब मध्य प्रदेश में भी लागू कर दिया गया है.

इस योजना के तहत यदि कोई नागरिक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय रहते मदद करता है और उसे अस्पताल तक पहुंचाकर उसकी जान बचाने में योगदान देता है, तो उसे सरकार की ओर से 25000 का नकद इनाम और प्रशंसा-पत्र दिया जाएगा. एक व्यक्ति को साल में पांच बार पुरस्कार मिल सकेगा. खास बात यह है कि अगर कोई राहवीर देश के टॉप 10 ‘राह-वीरों’ में चुना जाता है, तो उसे एक लाख का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेगा. मोटर वाहन अधिनियम-2019 के अनुसार, किसी भी राहवीर के खिलाफ बगैर उसकी सहमति के कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी.

क्या है इस योजना का मुख्य उद्देश्य?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य है आम नागरिकों को सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए प्रेरित करना खासतौर पर “गोल्डन ऑवर” यानी हादसे के पहले एक घंटे के भीतर. यह समय इलाज के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है और सही समय पर मदद मिलने से जान बचाई जा सकती है. अगर कोई व्यक्ति घायल को सीधे अस्पताल या पुलिस के माध्यम से इलाज तक पहुंचाता है, तो पुलिस या अस्पताल द्वारा एक प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा. इसके बाद जिला स्तर की एक समिति मामले की जांच कर सिफारिश करेगी.

10 सर्वोत्तम राहवीरों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान

राज्य परिवहन विभाग द्वारा तय राशि सीधे राहवीर के बैंक खाते में भेजी जाएगी. हर साल 30 सितंबर तक, राज्य सरकारें तीन सर्वश्रेष्ठ राहवीरों के नाम केंद्र सरकार को भेजेंगी. इनमें से देश के 10 सर्वोत्तम राहवीरों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.