लुधियाना: पंजाब में गरमाए माहौल के बीच बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। उच्च शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कोई भी कॉलेज बच्चों को कैंपस छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करेगा और विद्यार्थी कैपस में रहना चाहते उन्हें वहां रहने दिया जाएगा। इसके साथ ही कैंपस में रहने वाले विद्यार्थियों के रहने, खाने-पीने और जरूरत की चीजों को उपलब्ध करवाना प्रबंधकों की जिम्मेदारी होगी। वहीं कैंपस में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
इसके साथ ही कहा गया है कि जो विद्यार्थी अपने घरों को लौट गए हैं उनसे किसी भी तरह का कोई जुर्माना नहीं लिया जाएगा। वहीं एक हैल्प डेस्क बनाने के लिए भी कहा गया है जो विद्यार्थियों की परेशानियों और समस्याओं का हल करेगा।

वहीं इसे लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ”मौजूदा स्थिति को देखते हुए, राज्य भर के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा, परिवहन या व्यक्तिगत कारणों से असमर्थ या अनिच्छुक होने पर किसी भी छात्र को परिसर छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। संस्थानों को अंतिम छात्र के रहने तक भोजन, आश्रय और देखभाल प्रदान करनी चाहिए। परीक्षाएं छात्रों को रुकने के लिए मजबूर करने का कारण नहीं होनी चाहिए। घर लौटने वालों के लिए कोई शैक्षणिक दंड नहीं होना चाहिए – पुनर्निर्धारण या विकल्प प्रदान किए जाने चाहिए।”
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