Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

बिहार में नाटे हो गए बच्चे! आंगनबाड़ी सेविकाओं की गलती पर एक्शन में समाज कल्याण मंत्रालय

40

बिहार में बच्चों की हाईट को लेकर एक हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बिहार में बच्चों की औसत हाईट कम हो गई है. राज्य में बच्चे नाटे हो रहे हैं. यह रिपोर्ट सामने आते ही बवाल मच गया है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने इस मुद्दे को विभिन्न मंचों पर उठाया है. इसके बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए. जांच के बाद अब असली वजह सामने आई है.

इसमें पाया गया है कि बच्चे नाटे नहीं हो रहे, बल्कि समाज कल्याण विभाग की ओर से बनाई गई रिपोर्ट ही गलत है. दरअसल समेकित बाल विकास विभाग ने हाल ही में राज्य स्तरीय सर्वे कराया था. इसमें राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर से रिपोर्ट तैयार कराया गया था. इस रिपोर्ट की समीक्षा हुई तो पता चला कि बच्चों की औसत हाईट घट गई है. इस रिपोर्ट के सामने आते ही हड़कंप मच गया. आनन फानन में रिपोर्ट का क्रास वेरिफिकेशन कराया गया.

सर्वे में सामने आई गड़बड़ी

इसमें पता चला कि यह गड़बड़ी रिपोर्ट को तैयार करने में हुई लापरवाही की वजह से है. यह खुलासा होने के बाद सरकार ने नए सिरे से रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं. बता दें कि सभी राज्य सरकारें अपने क्षेत्राधिकार में बच्चों के पोषण पर रिपोर्ट तैयार कराती हैं. यह जिम्मेदारी राज्य के बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के पास है. विभाग भी आंगनबाड़ी सेविकाओं के जरिए सर्वे कराता है और समग्र रिपोर्ट दाखिल करता है.

मंत्रालय ने दिए जांच के आदेश

इसमें बच्चों की कद-काठी से लेकर उनके पोषण आदि मुद्दों को शामिल किया जाता है. इस रिपोर्ट को स्टंटिंग स्टेटस कहा जाता है. इसी के आधार पर बच्चों के सर्वांगीण विकास की योजनाएं बनाई जाती हैं. इस साल जब बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने अपनी रिपोर्ट अन्य विभागों में भेजी तो इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ. इसके बाद हरकत में आए समाज कल्याण मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए हैं.

घर बैठे बना दी रिपोर्ट

जांच में पाया गया है कि आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बच्चों की ना तो हाईट नापी और ना ही उनका वजन कराया. बल्कि घर में बैठकर अंदाजे पर ही रिपोर्ट बना दी. यह स्थिति केवल एक जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य भर में हुआ है. इसकी वजह से फाइनल रिपोर्ट तैयार हुई तो पता चला कि बच्चों की ना केवल हाईट घट गई है, बल्कि बच्चों का वजन भी कम हो रहा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.