जालंधर: मकसूदां सब्जी व फ्रूट मंडी से पूरे महानगर के घरों में फ्रूट व सब्जियां पहुंचती है। किफायती दाम व ताजी सब्जी लेने के लिए आम आदमी खुद भी मंडी जाता है, लेकिन वर्तमान में मंडी की साफ सफाई की जमीनी हकीकत खराब और ऊपर से वहां की सफाई व्यस्था का इस कदर बिगड़ जाना कहीं न कहीं महानगर वासियों की सेहत के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
विभाग-प्रशासन की लापरवाही ने पूरे के अमले को दागदार किया हुआ है और हर जगह गंदी व गली सब्जियों के ढेर लगे हुए है। सीवरेज ओवरफ़्लो होकर वातावरण को गंदा कर रहा है और जानवर खाद्य भंडारों के इर्द गिर्द घूमते, चाट-पीट व गंदगी फैला रहे है लेकिन साफ सफाई को लेकर न कोई नियम या कानून तय किए गये है और न उनकी पालना हो रही है जिसके कारण महानगर में कभी भी कोई बड़ी महामारी दस्तक दे सकती है।
मकसूदा मंडी के विख्यात व्यापारी, आढ़ती मोहिंदर सिंह शैंटी बतरा ने बताया की मंडी में व्यापार करने वाला हर व्यापारी मंडी बोर्ड को लाखों करोड़ों रुपये टैक्स व फीसों के रूप में मंडी बोर्ड विभाग को हर साल देता आ रहा है लेकिन सुविधाओं के नाम पर मंडी बोर्ड से आज तक व्यापारियों को ठेंगा ही मिला है और मंडी की सफाई व्यस्था की इस दुर्दशा का जिम्मेदार मंडी बोर्ड विभाग ही है।
व्यापारी संगठन तो अपने सत्र पर मंडी की बेहतरी व विकास के लिए प्रयत्न करते ही रहते है लेकिन विभाग की लापरवाही से व्यापारियों में रोष है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक का भी मंडी में इतना बुरा हाल है कि कोई इस बड़ी समस्या की और ध्यान नहीं दे रहा है।
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