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SIT बने और ममता सरकार से जवाब मांगा जाए… बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

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वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में जमकर हिंसा हुई, हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. इस बीच हिंसा के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. जिसमें सांप्रदायिक हिंसा की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किए जाने की मांग की गई है. इसके साथ ही कानून व्यवस्था बिगड़ने के मसले पर बंगाल सरकार से स्पष्टीकरण तलब किए जाने की मांग की है.

इस याचिका को वकील शशांक शेखर झा ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है. याचिका में मांग की गई है… पश्चिम बंगाल में चल रही सांप्रदायिक और राजनीतिक हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए. प्रतिवादियों से कानून-व्यवस्था की विफलता के बारे में स्पष्टीकरण मांगा जाए और साथ ही पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास का निर्देश दिया जाए. प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना करने के साथ ही ऐसे अन्य आदेश पारित करने की मांग की गई है जिसे कोर्ट न्याय और समानता के हित में उचित समझे.

रिपोर्ट तैयार कर गृह मंत्रालय को भी सौंपी जाएगी

इस बीच बीएसएफ की पूर्वी कमांड के एडीजी रवि गांधी आज (सोमवार) से मालदा और मुर्शिदाबाद के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे. इस दौरान वह हिंसा प्रभावित इलाकों सुती, समसेरगंज, जंगीपुर का दौरा करेंगे साथ ही संवेदनशील इलाकों में जो बीएसएफ की तैनाती की गई है उसकी समीक्षा करेंगे. इस बावत एक रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही गृह मंत्रालय को भी सौंपी जाएगी.

संशोधित वक्फ अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन

दरअसल संशोधित वक्फ अधिनियम के खिलाफ मुर्शिदाबाद जिले में विरोध प्रदर्शन किया गया जो देखते ही देखते हिंसा में तब्दील हो गया. इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस वैन समेत कई वाहनों में आग लगा दी और सुरक्षाबलों-दुकानों पर जमकर पथराव किया गया. यहां तक की पुलिस बूथ भी जला दिए. आलम ये है कि मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में हिंदू परिवार खौफजदा है और पलायन करने को मजबूर हो गए हैं. इन लोगों ने पड़ोसी जिलों में शरण ली हुई है.

हिंसा में 3 लोगों की मौत, कई जख्मी

शुक्रवार (12 अप्रैल) को शुरू हुई इस हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई, वहीं कई लोग जख्मी हो गए. इनमें 18 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक 210 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हिंसा प्रभावित इलाकों में फिलहाल 9 कंपनी बीएसएफ और 8 कंपनी सीआरपीएफ की मौजूद हैं. वहीं हिंसा प्रभावित इलाकों में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत कर्फ्यू लागू लगा है और इंटरनेट सेवाएं बंद हैं.

‘हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं…’

वहीं एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि मुर्शिदाबाद में अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, दुकानें फिर से खुल रही हैं और विस्थापित परिवार अपने घर वापस लौटने लगे हैं. अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) जावेद शमीम ने हालातों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बहाल करने की कोशिश की जा रही है. अब तक 19 परिवार अपने घरों की ओर वापस लौट चुके हैं.

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