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ठेकेदारी या गुंडागर्दी: मकसूदां सब्जी मंडी में गरमाया माहौल, फड़ी वालों ने दी चेतावनी

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जालंधर: मकसूदां सब्जी मंडी में ठेकेदारी की जगह अब गुंडागर्दी का ट्रैंड चल पड़ा है। लगातार 3 दिनों से मंडी के हालात सामान्य नहीं है। शनिवार को तो बात और बिगड़ गई जब दोनालियां बदूकें लेकर करीब 10 बाउंसर मंडी में घुस गए और पैसों को लेकर फड़ी वालों को धमकाने लगे। कुछ फड़ी वालों ने वीडियो बनानी की कोशिश की तो दोनाली बदूकें उनकी तरफ करके गोलियां चलाने की चलाने की धमकी देने लगे। हालांकि जब आढ़तियों को पता लगा तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक स्कार्पियो सवार बंदूकधारी फरार हो गए थे।

फड़ी वालों ने बताया कि वह एडवांस मार्कीट कमेटी को एक माह की फीस 3 हजार रुपए दे चुके हैं। ठेका शुरू होते ही ठेकेदार के कारिंदे उनसे अप्रैल माह की फीस देने को मजबूर कर रहे हैं। दिन में दो बार उनकी 200-200 रुपए की पर्ची काटी जा रही है। विरोध करते हैं तो कभी उन्हें थप्पड़ मार दिए जाते हैं तो कभी बंदूकें दिखाई जाती हैं। शनिवार सुबह इस विवाद के बाद फड़ी वाले फिर से इक्ट्ठा हो गए। उन्होंने काम रोक दिया। शनिवार होने के कारण मार्कीट कमेटी का कोई अधिकारी आफिस में नहीं था जिसके चलते आढ़ती शैटी बत्तरा, प्रीत खालसा, प्रवेश, विक्की गांधी को इस घटना का पता लगा तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे। हालांकि बाऊंसर भाग गए थे लेकिन फड़ी वालों की बात सुन कर शैटी ने कहा कि ठेकेदार से बात करने पर भी कोई हल निकला और फड़ी वालों से धक्का हो रहा है।

ऐसे में आढ़तियों ने एक जुट होकर रविवार को एक मीटिंग बुलाई है, जिसमें रणनीति तैयार की जाएगी। आढ़ती शैटी बत्रा व अन्य आढ़तियों ने कहा कि सभी फड़ी वाले 20 से 25 सालों से यहां बैठे हुए हैं। ऐसे हालात पहले कभी नहीं हुए। अगर ऐसा ही चलता रहा तो फड़ी वाले मंडी से चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि रविवार को आढ़तियों का समूह आपस में मीटिंग करेगा। अगर इस विवाद का कोई हल नहीं निकला तो आढ़ती भी मार्किट फीस देना बंद करने का निर्णय ले सकते हैं।–

सोमवार को हड़ताल पर जा सकता है फड़ी वालों का समूह

इस विवाद के बाद 11 सदस्यों की बनी संघर्ष कमेटी ने ऐलान किया है कि सोमवार को वह हड़ताल पर जा सकते हैं। हालांकि आढ़ती उन्हें मनाने में लगे हैं और लेकिन कोई हल न निकलने पर सोमवार से हड़ताल शुरू हो सकती है। फड़ी वालों ने कहा कि मार्कीट कमेटी ने ठेकेदारी को लाइसैंस दिया है लेकिन वह उसे गुंडागर्दी का लाइसैंस समझ रहे हैं। 11 सदस्यों की संघर्ष कमेटी ने यह भी कहा कि इस सारे विवाद को लेकर उनकी कमेटी जल्द ही डी.सी. और पुलिस कमिश्नर को मिलेंगे ताकि मंडी में खून खराबा होने से बचाया जा सके।

जिस फड़ी वाले ने फीस दी है, उसको ठेकेदार से नहीं कटवाने पड़ेगी पर्ची: सैक्रेटरी

इस संबंधी मार्कीट कमेटी के सैक्रेटरी रुपिंदर सिंह ने कहा कि अगर किसी फड़ी वाले ने मार्कीट कमेटी को फीस चुका दी है तो उसे ठेकेदार को इस माह की पर्ची नहीं देनी पड़ेगी। उक्त फड़ी वालों की पेमैंट कमेटी खुद ही ठेकेदार के साथ एडजस्टमैंट कर लेगी। जिन जिन लोगों ने पर्ची कटवा दी है वह ठेकेदार को पर्ची दिखा दें जबकि उनकी तरफ से भी ठेकेदार को हिदायत जारी कर दी जाएगी कि वह उन लोगों से फीस न लें।

अगर कोई गुंडागर्दी कर रहा है तो मामला उनके ध्यान में लाएं फड़ी वाले: चेयरमैन

मार्कीट कमेटी के चेयरमैन गुरपाल सिंह ने कहा कि गुंडागर्दी का मामला उनके ध्यान में नहीं है। फड़ी वालों ने भी उन्हें फोन करके कोई जानकारी नहीं दी। अगर मंडी के अंदर ऐसा चल रहा है तो फड़ी वाले उनसे मिले, वह इस पर कड़ा संज्ञान लेंगे। उन्होंने कहा कि दो पक्षों का आपस में झगड़ा चल रहा है, लेकिन चेयरमैन की कुर्सी दोनों पक्षों के लिए एक बराबर है। ऐसे में मंडी का महौल बेहतर बनाने के लिए उनसे बैठ कर बात की जा सकती है।

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