Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

भलाई योजनाओं में नीतिगत सुधार की माँग

36

चंडीगढ़: समाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने देहरादून में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय चिंतन शिविर में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष दृढ़ता से उठाया गया है।

सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच राज्यों को कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में आ रही चुनौतियाँ और नीतिगत रुकावटें साझा करने का महत्त्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार वंचित वर्गों के समग्र विकास के लिए पूर्णतः समर्पित और प्रतिबद्ध है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब देश में अनुसूचित जातियों की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है, अतः हमारे लिए यह नैतिक जिम्मेदारी है कि हम लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से इन वर्गों की भलाई सुनिश्चित करें।” उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से चलाई जा रही योजनाएँ और राज्य सरकार की अपनी योजनाएँ प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं।

स्कॉलरशिप योजनाओं में सुधार की माँग:
डॉ. बलजीत कौर ने स्कॉलरशिप योजनाओं की वर्तमान आय सीमा (₹2.50 लाख) को आज के आर्थिक परिप्रेक्ष्य में अनुचित बताते हुए इसमें वृद्धि की माँग की ताकि अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2017 से 2020 तक की बकाया केंद्रीय राशि अब तक जारी नहीं की गई है, जिससे विद्यार्थियों और शैक्षणिक संस्थानों को कठिनाई हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से यह राशि तुरंत जारी करने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओ बी सी), आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (ई बी सी), और डी-नोटिफाइड जनजातियों (डी एन टी) वर्गो के विद्यार्थियों की बढ़ती शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि की माँग की। डॉ. कौर ने ज़ोर दिया कि विद्यार्थियों की वास्तविक कोर्स फीस और ट्यूशन फीस के अंतर को पूरा करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी जरूरतमंद विद्यार्थी की पढ़ाई आर्थिक कारणों से बाधित न हो।

आदर्श ग्राम योजना के लिए नियमित फंड जारी करने की माँग:
डॉ. कौर ने बताया कि पंजाब में एस सी आबादी सबसे अधिक होने के कारण 3,293 गाँव आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत चुने गए थे, जिनके लिए 684 करोड़ रुपए की मंज़ूरी मिली थी, पर अब तक केवल 101 करोड़ रुपए ही जारी हुए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से शेष राशि शीघ्र जारी करने की अपील की ताकि गाँवों के बुनियादी ढाँचे में सुधार लाया जा सके। साथ ही उन्होंने प्रति गाँव अनुदान को 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए करने की सिफारिश भी की ताकि विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता लाई जा सके।

आवास योजना में पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता:
डॉ. बलजीत कौर ने आवास योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से पिछड़े और एस सी वर्गों के लिए लाभकारी है, लेकिन पंचायत स्तर पर लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी देखी गई है। अतः उन्होंने यह माँग की कि पात्र लाभार्थियों की पहचान और योजना की निगरानी की जिम्मेदारी सामाजिक न्याय विभाग को सौंपी जाए, ताकि लाभ न्यायपूर्ण तरीके से पहुँच सके।

राज्य सरकार की योजनाओं और नवाचारी पहलों पर प्रकाश:
यहाँ डॉ. बलजीत कौर ने राज्य सरकार की भलाई योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों की शादी हेतु “आशीर्वाद योजना” के अंतर्गत 51,000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है। यह सहायता एक परिवार की दो बेटियों तक उपलब्ध है, जिससे इन परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों द्वारा लिए गए 70 करोड़ रुपए के ऋण माफ किए हैं, जिससे 5,000 से अधिक लाभार्थियों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है और वे अपने जीवन में नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, डॉ. कौर ने बताया कि पंजाब ऐसा पहला राज्य बना है जिसने विधानसभा की कार्यवाही के प्रसारण हेतु “संकेत भाषा” की शुरुआत की है। यह नवाचारी पहल उन व्यक्तियों के लिए क्रांतिकारी कदम है जो सुन या बोल नहीं सकते, जिससे वे सरकारी नीतियों और योजनाओं को समझकर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.