Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी ने पहली बार राज्यसभा सांसद बने 36 बीजेपी नेताओं से की मुलाकात, दिया 'वर्तमान में जीने' का ... संसद का गतिरोध बरकरार: रिजिजू ने मांगा सहयोग, राहुल गांधी बोले— "अमित शाह के बयान के बिना नहीं चलेगा... सुंदरगढ़ भूमि विवाद: बिना ग्रामसभा की सहमति 12 गांवों की जमीन पर कब्जा, आप सांसद संजय सिंह ने संसद म... राहुल गांधी की छात्रों के साथ पीसी: मुंबई में पुलिस वैन रोकने वाली रिया अहीर और जंतर-मंतर के प्रदर्श... अररिया में सनसनीखेज खुलासा: पड़ोसियों को फंसाने के लिए मां-बहन ने की बेटी की हत्या! पिता के बयान से ... शामली में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी फुरकान ढेर! कैराना पलायन का था मास्टरमाइंड, एक सिपाही को... संत कबीर नगर: 21 साल की शादी और 5 बच्चों के बाद पत्नी को हुआ प्यार, पति ने खुद मंदिर में रचाई प्रेमी... अखिलेश यादव का नया नारा: "PDA में P का मतलब पंडित भी", जनेश्वर मिश्र जयंती से भाजपा पर साधा बड़ा निश... इंडियन आर्मी अग्निवीर भर्ती रैली: सेंटर जाने से पहले साथ रख लें ये 9 जरूरी दस्तावेज, वरना होंगे बाहर... झारखंड छात्र आंदोलन: ईगो नहीं, मुद्दों की लड़ाई! जानें जंतर-मंतर प्रदर्शन से इसकी अलग पहचान

पंजाब के इन कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, 6 और 16 मार्च को…

51

जलालाबाद: सरकार के खिलाफ मार्च 2025 में राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई है। इस मौके पर पंजाब एड्स कंट्रोल कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन (पनसेवा) के प्रधान जसमेल सिंह दियोल और जिला प्रधान (फाजिल्का) व जोन प्रधान (जलालाबाद) मंदीप छोकड़ा ने बताया कि मार्च 2025 में प्रदर्शनों की एक शृंखला आयोजित की जाएगी।

कर्मचारी अपनी मुख्य मांगों को लेकर संघर्षरत हैं, जिनमें नौकरी को स्थायी करना, क्लास सी और डी के फील्ड स्टाफ के वेतन में 20 प्रतिशत वृद्धि, वेतन में देरी, स्वास्थ्य बीमा की कमी, ई.पी.एफ. लागू न होना और ठेका अवधि के नवीनीकरण की समस्या आदि शामिल है। इन मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है। 6 मार्च 2025 को पंजाब के विभिन्न जिलों में दो घंटे का प्रदर्शन होगा, जिसमें कर्मचारी अपने-अपने सिविल सर्जन और डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने आगे बताया कि 16 मार्च 2025 को पटियाला में स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के निवास स्थान के सामने एक बड़ी रैली निकाली जाएगी, जिसमें सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की जाएगी। कई संविदा कर्मचारी 10-15 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं, फिर भी उन्हें स्थायी नौकरी नहीं दी जा रही।

उच्च जोखिम वाले हालात में काम करने के बावजूद स्वास्थ्य बीमा का अभाव बना हुआ है। अन्य राज्यों की तुलना में यहां अलग स्थिति है, जहां एक दिन का अवकाश लगाकर कर्मचारियों के अधिकारों को प्रभावित किया जाता है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इंश्योरेंस कवरेज और नौकरी के मूल्यांकन का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंजाब में स्टॉक की कमी को विभाग ने नकारा था, लेकिन अब यह सबके सामने स्पष्ट हो चुका है। विभाग ने कर्मचारियों के हित में की जाने वाली बैठकों से बचते हुए मुलाजम-विरोधी फैसले चुपचाप लागू करने की तैयारी कर ली है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.