Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

छिंदवाड़ा में बांस व्यापारी और वन विभाग का बड़ा खेला, बिना टीपी बांस का परिवहन कर रहे ट्रक को ग्रामीणों ने पकड़ा

50

वन और वन्यप्राणियों की सुरक्षा का अहम जिम्मा वन विभाग के कंधों पर होता है। लेकिन आए दिन वन्यप्राणियों के शिकार और अवैध पेड़ों की कटाई के मामले सामने आते रहते हैं। इस बार तो वन विभाग अमले ने एक बड़ा ही खेल को अंजाम दे दिया। जिसमें वन समिति और वन विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से बांस व्यापारी को लाखों रुपए के बांस बेच दिए गए। दरअसल एक ऐसा ही मामला पश्चिम वन मंडल के साँवरी रेंज से सामने आया है। जहां बीते गुरुवार को हिरावाड़ी वन परिक्षेत्र में बांस से भरे आयशर ट्रक को ग्रामीणों ने ग्राम महलपुर में रोका गया। जब जागरूक लोगों ने बांस ले जा रहे ट्रक चालक से बांस परिवहन के लिए टीपी मांगी तो ट्रक चालक के पास किसी भी प्रकार टीपी नही पाई गई। हालांकि ग्रामीणों को ट्रक चालक ने मनी रसीद दिखाया। जिस में हिरावाड़ी वन समिति द्वारा जारी मनी रसीद में 2 हजार बांस, जिस में एक नग बांस की कीमत दो रुपए पच्चीस पैसे दर्शायी गई थी।

तत्काल ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। लेकिन उसके बाद भी वन विभाग मामले को गम्भीरता से न लेते हुए लगभग दो घण्टे बाद मौके पर पहुंचा। मौके पर पहुंचकर हिरावाड़ी में पदस्थ योगेश उईके ने ट्रक को टेमनी नाके पर खड़ा किया गया। और सम्बंधित रेंज के एसडीओ विजेंदर खोपागड़े और रेंजर कीर्ति बाला गुप्ता को मामले की जानकारी से अवगत कराया। लेकिन कुछ घण्टों बाद ही वन विभाग की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद बांस से भरा ट्रक को छोड़ दिया गया। जब इस मामले में डिप्टी रेंजर योगेश उइके से बात की गई तो उन्होंने कहा कि नाके में पर्याप्त जगह न होने पर ट्रक को रेंज कार्यालय छिंदवाड़ा में खड़ा कर दिया गया। जिसका बकायदा ऑडियो हमारे पास मौजूद है। लेकिन जब रेंज कार्यालय के जाकर देखा गया तो। बांस से भरा ट्रक वहां मौजूद नही था। पुनः डिप्टी रेंजर से चर्चा की गई तो उन्होंने हड़बाते हुए कहा कि आप रेंजर मेडम से बात कर लीजिए। मैं अधिकृत नही हूँ जबकि नियमानुसार रेंजर के नेतृत्व में डिप्टी रेंजर जब्त कार्यवाही के लिए अधिकृत होता है। आखिर क्या कारण है कि वन विभाग ने बिना टीपी बांस का परिवहन कर रहे वाहन चालक के पास टीपी नही होने के बाबजूद भी ट्रक को छोड़ दिया गया जबकि बांस को पांच किलोमीटर से दूर परिवहन करने पर टीपी की आवश्यकता होती है।

रेंजर साहिबा बोलीं… वन समिति पर हमारा कोई अधिकार नहीं

जब इस मामले में साँवरी रेंज की रेंजर कीर्ति बाला गुप्ता से बात की तो उन्होंने मामले को उलझाते हुए बताया कि वन समिति पर हमारा कोई अधिकार नही होता है। जब उनसे पूछा गया कि बांस का पहला हक ग्रामीण और किसानों का होता है। लेकिन वन समिति किसानों को 8 फिट का प्रति बांस 10 से 16 रु में बेच रही है। जबकि व्यापारी को लाभ पहुंचाते हुए उसे महज प्रति बांस 2 रु 25 पैसे में दिया गया। उन्होंने पुनः कहा कि हमारा वन समिति में कोई अधिकार क्षेत्र ही नहीं है। और वन समिति के अध्यक्ष का नम्बर देने से भी इंकार कर दिया। इससे साफ जाहिर होता है कि वन विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ से बांस के नाम पर जमकर खेल चल रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.