Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

गेहूं की बोवनी के लिए तैयारी पूरी, सर्दी चमकने का इंतजार कर रहे किसान

33

रतलाम। रतलाम जिले में मौसम का मिजाज बार-बार बदल रहा है। सोमवार को सुबह से शाम तक कभी बादलाई मौसम तो कभी सूरज की तेजी रही। जिले में अब तक औसत 1171 मिमी वर्षा हो चुकी है। यह गत वर्ष 1270 के मुकाबले 99 मिमी कम है।

जिले के अधिकांश किसान खरीफ सीजन से निवृत्त हो चुके हैं और रबी की तैयारियों में जुट गए हैं। कई किसानों ने चना, मटर, सरसों, लहसुन आदि की बोवनी कर दी है। गेहूं के लिए किसान सर्दी चमकने का इंतजार कर रहे हैं।

रतलाम: कभी तेज धूप, तो कभी बादल

  • सोमवार सुबह से मौसम सामान्य रहा। जिलेवासियों को कभी सूरज की तेजी का सामना करना पड़ा तो कभी बादलाई मौसम ने राहत पहुंचाई। सुबह आठ बजे समाप्त हुए बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में कहीं भी वर्षा नहीं हुई।
  • सभी आठ तहसीलें सूखी रही। सोमवार को अधिकतम तापमान 0.8 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, वहीं न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सुबह की आर्द्रता 82 प्रतिशत व शाम की 59 प्रतिशत रही।

बोवनी के लिए इंतजार कर रहे किसान

वर्तमान में सुबह-शाम, रात में ठंडक महसूस हो रही है। मौसम अनुकूल नहीं होने से कई किसान रबी सीजन की मुख्य गेहूं की बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों के अनुसार गेहूं की बोवनी सर्दी का असर बढ़ने के बाद करने से उत्पादन अच्छा मिलता है। यही कारण है कि ज्यादातर किसान गेहूं की बोवनी के लिए अनुकूल मौसम का इंतजार कर रहे हैं।

सहायक संचालक भीका वास्के ने बताया कि इस वर्ष सवा तीन लाख से अधिक हेक्टेयर में रबी की बोवनी का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में किसान चना, सरसो, मटर आदि की बोवनी कर रहे हैं। गेहूं की बोवनी के लिए सर्दी बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।

किसानों को उम्मीद है कि दिवाली के बाद पारा गिरेगा और वे सही समय पर बुवाई कर अच्छी फसल प्राप्त कर सकेंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.