Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ujjain Mahakal Temple: आज दोपहर को होगी भस्म आरती, साल में सिर्फ एक दिन होता है ऐसा, जानें वजह Delhi Weather Update: दिल्ली में बारिश के आसार, राजस्थान में गर्मी; जानें यूपी-बिहार के मौसम का हाल Maihar Golamath Temple: मैहर का वो अनोखा मंदिर जहाँ नहीं है एक भी जोड़, महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्ध... Viral Wedding: सोशल मीडिया पर परवान चढ़ा प्यार, 3.8 फीट की दुल्हन और 4.2 फीट के दूल्हे की बनी 'परफेक्... Mahashivratri 2026: दूल्हा बनकर निकले पातालेश्वर महादेव, माता पार्वती संग रचाया ब्याह; बारात में जमक... Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी 'वंदे भारत' ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये क... Mahakaleshwar Temple Decoration: 4 देशों के फूलों से महका महाकाल का दरबार, बेंगलुरु के 200 कलाकारों ... Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद... Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐस... Delhi EOL Vehicle News: दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब बिना नोटिस सीधे स्क्रैप...

हरियाणा चुनाव में ब्राह्मण कार्ड, UP के एनकाउंटर के जख्मों को कुरेद कर क्यों हरा कर रही कांग्रेस?

34

हरियाणा की सियासत अभी तक जाट और गैर-जाट के बीच बंटी हुई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच ब्राह्मण दांव भी चला जा रहा है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्यों में ब्राह्मणों के साथ हुए अत्याचार के मामले को उठाया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में ब्राह्मण समाज का उत्पीड़न हर जिले के दास्तां हैं. योगी सरकार में ब्राह्मणों को चुन-चुनकर करके मारा गया. ब्राह्मण समाज का अपमान बीजेपी का डीएनए बन गया है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि सुरजेवाला आखिर हरियाणा चुनाव में यूपी में एनकाउंटर के जख्मों को कुरेदकर क्यों हरा करने में जुटे हैं?

रणदीप सुरेजावाला ने सोमवार को कैथल के खुरनिया पैलेस में सर्व ब्राह्मण सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजेपी को ब्राह्मण विरोधी कठघरे में खड़ा करने की कवायद करते हुए नजर आए. सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में तो ब्राह्मण समाज पर अत्याचार हुए ही हैं. हमारे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से ब्राह्मणों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया.

कहां है यूपी में BJP का ब्राह्मण नेतृत्व

उन्होंने उत्तर प्रदेश में बीजेपी के ब्राह्मण नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हुआ यूपी के ब्राह्मण नेतृत्व को? कहां है बीजेपी का यूपी का ब्राह्मण नेतृत्व? एक-एक व्यक्ति से जाकर पूछ लीजिए कैसे योगी आदित्यनाथ ने ब्राह्मण नेतृत्व को हाशिए पर पहुंचाने का काम किया है.

सुरेजवाला ने कहा कि कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और मेरठ हर शहर में ब्राह्मणों को चुन-चुनकर मारा गया और ब्राह्मण नेतृत्व को खत्म किया गया. ब्राह्मणों को मारकर और राजनीतिक हत्या के बाद योगी आदित्यनाथ का कद बढ़ा हुआ है. इतना ही नहीं कांग्रेस नेता ने कहा कि हरियाणा में भर्ती बोर्ड द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर भद्दे सवाल पूछे जाते हैं. मनोहर लाल खट्टर फरसा लेकर ब्राह्मण समाज से कहते हैं कि तेरी गर्दन काट दूंगा. कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में समाज की बेटियों और ब्राह्मणों को रंगभेद के आधार पर अपशुकन जैसे आपत्तिजनक सवाल पूछवाते हैं. कभी स्टेज से फिंकवाते हैं. कभी फरसे से गर्दन काटने की धमकी देते हैं. अब चुनाव में बीजेपी को जबाब देने का समय आ गया है.

सुरजेवाला की सोची समझी रणनीति!

हरियाणा विधानसभा चुनाव के सियासी तपिश के बीच कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ऐसे ही ब्राह्मण उत्पीड़न का मामला नहीं उठाया बल्कि सोची-समझी रणनीति के तहत बयान दिया है. सुरजेवाला ने यह बात अपनी परंपरागत कैथल विधानसभा सीट पर कही है, जहां से उनके बेटे आदित्य सुरजेवाला चुनाव लड़ रहे हैं. सुरजेवाला कैथल सीट से 2019 में बीजेपी के लीला राम से चुनाव हार गए थे. बीजेपी ने एक बार फिर से लीला राम को उतारा है.

ऐसे में यह सीट रणदीप सुरेजवाला की प्रतिष्ठा से जुड़ी हुई है. वह ब्राह्मण समाज को साधने की पूरी कोशिश में लगे हैं. इसी के तहत उन्होंने बीजेपी को ब्राह्मण विरोधी कठघरे में खड़ा करने का दांव चला है.

हरियाणा का ब्राह्मण समाज अब BJP के साथ

हरियाणा में लंबे समय तक ब्राह्मण समुदाय कांग्रेस का परंपरागत वोटर रहा है, लेकिन 2014 से वह बीजेपी के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है. हरियाणा में करीब 8 फीसदी वोट ब्राह्मण समुदाय के हैं. ब्राह्मण समाज प्रदेश की करीब 15 विधानसभा सीट पर अच्छा खासा असर रखते हैं और तीन लोकसभा सीटों पर उनकी अहम भूमिका है. इसके बाद भी हरियाणा की सियासत में ब्राह्मण समाज कभी भी जाट से आगे नहीं निकल पाया है. सियासी इतिहास में महज एक बार ब्राह्मण चेहरे के तौर पर भगवत दयाल शर्मा संयुक्त हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हैं.

हरियाणा की सियासत में ब्राह्मण बिरादरी की अहमियत आजादी से पहले से ही रही है. पंडित श्रीराम शर्मा राष्ट्रीय आंदोलन के बड़े चेहरे के रूप में उभरे थे. श्रीराम शर्मा के बढ़ते सियासी प्रभाव के चलते ही सर छोटू राम ने अपनी सियासी धारा बदल ली थी और गांधी की अलोचना करने लगे थे. इसके बाद के सियासी इतिहास पर नजर डालें तो पाएंगे कि प्रदेश में पंडित श्रीराम शर्मा बनाम चौधरी छोटू राम की राजनीति चलती रही है. इसी तरह हरियाणा की सियासत में श्रीराम शर्मा और भगवत दयाल शर्मा के बाद विनोद शर्मा से लेकर राम बिलास शर्मा तक कई ब्राह्मण नेता आए, लेकिन सत्ता के सिंहासन तक नहीं पहुंच सके.

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से आगे BJP

लोकसभा चुनाव 2019 में जाट समुदाय के ‘मक्का’ कहे जाने वाले रोहतक संसदीय क्षेत्र से बीजेपी के ब्राह्मण चेहरे के तौर पर अरविंद शर्मा को जीत मिली थी, लेकिन 2024 में वह अपनी जीत दोहरा नहीं सके. बीजेपी ने सोनीपत और रोहतक में ब्राह्मण चेहरे उतारे थे. कांग्रेस ने सोनीपत में सतपाल ब्रह्मचारी को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक मोहन लाल बड़ौली के खिलाफ उतारा और जीत दिलाई. यहीं से कांग्रेस को ब्राह्मण वोटों को वापस आने की उम्मीद जगी है, लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस से ज्यादा ब्राह्मण उम्मीदवार उतारकर ब्राह्मण समुदाय पर अपनी पकड़ बनाए रखने का दांव चला है.

बीजेपी ने हरियाणा में ब्राह्मण समाज के 12 नेताओं को उतारा है, उनमें सफीदों से रामकुमार गौतम, कालका से शक्तिरानी शर्मा, गोहाना से डॉ. अरविंद शर्मा, गन्नौर से देवेंद्र कौशिक, पिहोवा से जयभगवान शर्मा, बल्लभगढ़ से पंडित मूलचंद शर्मा, गुरुग्राम से पहलवान मुकेश शर्मा, पृथला से टेकचंद शर्मा, बहादुरगढ़ से दिनेश कौशिक, जुलाना से कैप्टन योगेश बैरागी और उचाना कलां से देवेंद्र अत्री हैं. जबकि कांग्रेस ने सिर्फ चार ब्राह्मणों को ही टिकट दिए हैं, जिनमें बादली से कुलदीप वत्स, फरीदाबाद एनआईटी से नीरज शर्मा, गन्नौर से कुलदीप शर्मा और बल्लभगढ़ से पराग शर्मा पर भरोसा जताया है.

हरियाणा में यूपी की चर्चा आखिर क्यों?

हरियाणा की सियासत में ब्राह्मण समुदाय के वोटों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच शह-मात का खेल जारी है. भूपेंद्र सिंह हुड्डा से लेकर रणदीप सुरजेवाला तक खुलकर ब्राह्मणों को साधने में लगे हैं. विधानसभा चुनाव से पहले हुड्डा ने ब्राह्मण समाज से किसी नेता को डिप्टी सीएम बनाने की वकालत तक कर रहे हैं. अब सुरजेवाला ब्राह्मण कार्ड खुलकर खेल रहे हैं और बीजेपी को ब्राह्मण विरोधी कठघरे में खड़े करने का दांव चल रहे हैं. इसके लिए यूपी का हवाला दे रहे हैं, जहां पर लंबे समय तक ब्राह्मण समुदाय के लोग सीएम बनते रहे हैं. कांग्रेस इसीलिए भी यूपी का उदाहरण दे रही है, क्योंकि ज्यादातर सीएम कांग्रेस के बने हैं. बीजेपी ने किसी भी ब्राह्मण को यूपी में सीएम नहीं बनाया है, जिसे लेकर कांग्रेस नैरेटिव सेट कर रही है.

रणदीप सुरजेवाला की ओर से बीजेपी को ब्राह्मण विरोधी और योगी को लेकर उठाए गए सवाल पर बीजेपी ने जोरदार हमला बोला है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और रणदीप सुरजेवाला बताएं जो मुसलमान के लिए प्राण देने के लिए तैयार हो जाते हैं, उन्हें आज कहां से याद आ गया ब्राह्मण. ये वोट की खातिर किसी भी कीमत पर अपने चेहरे को बदल सकते हैं. इतना ही नहीं बीजेपी के दूसरे नेताओं ने भी कांग्रेस और रणदीप सुरजेवाला पर निशाना साधा. फिलहाल बीजेपी खुद को ब्राह्मण हितैषी बताने में जुटी है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.