Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पेपर लीक पर कांग्रेस का दोहरा रवैया! बीजेपी सांसद संबित पात्रा बोले— 'कर्नाटक और झारखंड के छात्रों क... अभिनेत्री तृषा कृष्णन पर विवादित टिप्पणी के मामले में DMK नेता उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, TVK की शिका... सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्देश: यौन अपराधों के फैसलों से हटेंगे 'पवित्रता', 'हवस' और 'मर्यादा भंग... दतिया उपचुनाव में करारी हार से चौंका बीजेपी नेतृत्व! आज भोपाल में मंथन, भितरघात और वायरल ऑडियो पर हो... मेरठ: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कांवड़ियों के दो गुटों में हिंसक झड़प, कांवड़िए के भेष में तैनात हेड ... बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी

भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट खुले

64

भोपाल। शहर के आसपास हो रही वर्षा के कारण सोमवार को भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट खोल दिए गए । सुबह 9:30 बजे भदभदा डैम का एक गेट खोला गया, इसके तुरंत बाद कलियासोत डैम का एक गेट भी खोला गया।

ज्ञात हो कि शुक्रवार शाम को हुई तेज वर्षा के बाद से लगातार उक्त दोनों डैम के गेट खोले जा रहे है। शुक्रवार देर रात को दोनो डैम के गेट खोले गए थे। इसके बाद शनिवार सुबह डैम के गेट खोले गएए जिन्हें दोपहर एक बजे के बाद बंद किए गया था।

रविवार रात को बड़े तालाब के कैंचमेंट एरिये में जोदार वर्षा होने के कारण सोमवार सुबह फिर भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले गए। वहीं केरवा डैम में भी पानी छलकने लगा है, जहां आठ आटोमैटिक गेट लगे हुए हैं। इस वर्ष मानसून के दौरान भदभदा डैम का यह 10वीं बार और कलियासोत डैम का 14वीं बार गेट खुला है।

कोलार और केरवा डैम भी फुल टैंक लेवल तक पहुंच चुके हैं। इस मानसून के दौरान भोपाल में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है । भोपाल की सामान्य वार्षिक वर्षा 37.6 इंच मानी जाती है, लेकिन इस वर्ष 50.8 इंच बारिश रिकार्ड की गई, जो सामान्य से 39 प्रतिशत अधिक है। इससे न केवल जलाशयों में पानी की उपलब्धता हो गई है, बल्कि शहर के नागरिकों को भी राहत मिलेगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.