Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
World Lung Day Health Tips: फेफड़ों को रखना है स्वस्थ तो एसी में बैठते वक्त इन बातों का रखें विशेष ध... PM Modi Memento Auction: पीएम मोदी को मिले उपहारों की नीलामी पर सुहेल सेठ का लेख, कहा- यह सेवा और त्... Bihar Crime News: जमुई और समस्तीपुर के बाद बांका में नाबालिग से छेड़छाड़, तेजस्वी यादव ने सरकार को घ... जमुई नाबालिग छात्रा से बदसलूकी मामला: दो महिला अधिकारियों को कमान, पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की त... भारत और वेस्टइंडीज के बीच 1st ODI: विराट-रोहित की मैदान पर वापसी, फैंस में भारी उत्साह 2026 बॉक्स ऑफिस का चौंकाने वाला सच: बड़े बजट और स्टारडम के बावजूद क्यों लड़खड़ाई बड़ी फिल्में? Iran Supreme Leader Health Rumors: मुज्तबा खामेनेई के स्वास्थ्य पर ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, ... UPI New Rules 2026: 15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR सिस्टम, जानिए किन ट्रांजैक्शन पर लगेगा शुल्क और ... गूगल और यूट्यूब फ्री हैं तो फिर कैसे होती है अरबों की कमाई? जानिए गूगल का बिजनेस मॉडल Ganesh Visarjan 2026 Shubh Muhurat: अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त, पूजा विधि...

सिस्टीन हेयर ट्रीटमेंट क्या है? जानें केराटिन और इसमें क्या है अंतर

48

आजकल लोग झड़ते और रूखे बालों की समस्या से बहुत परेशान रहते हैं. बिगड़ते लाइफस्टाइल, प्रदूषण, अनहेल्दी खाना, शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी, मेडिसिन या फिर किसी बीमारी के कारण बालों से जुड़ी समस्या हो सकती है. ऐसे में समस्या का पता लगाकर ही ट्रीटमेंट करना चाहिए. लेकिन प्रदूषण और लाइफस्टाइल के कारण भी बाल खराब हो सकते हैं.

इसे ठीक करने के लिए कई लोग महंगे-महंगे हेयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट अपनाते हैं. आपने भी कई तरह के हेयर प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट के बारे में सुना होगा है. बहुत से लोग बालों को सॉफ्ट और हेल्दी बनाने के लिए केराटिन और बोटॉक्स जैसे ट्रीटमेंट करवाते हैं. लेकिन हेयर ट्रीटमेंट की लिस्ट में सिस्टीन हेयर ट्रीटमेंट भी शामिल है.

सिस्टिन ट्रीटमेंट

डॉक्टर आंचल पंथ ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है जिसमें उन्होंने बताया है कि सिस्टिन बालों के आकार को बदलने यानी की रूखे बालों को सॉफ्ट और शाइनी बनाने में मददगार साबित हो सकता है. इसमें ग्लाइकोक्सिलिक एसिड, सिस्टीन और एसिटिक एसिड का उपयोग किया जाता है. ये ट्रीटमेंट बालों की जड़ों के लिए कम हानिकारक है लेकिन कम समय तक चलता है और इसमें खर्च ज्यादा आता है. ये लगभग केराटिन के समान ही होता है.

केराटिन और दूसरे स्ट्रेटनिंग ट्रीटमेंट की तुलना में सिस्टीन काफी सुरक्षित माना जाता है. ये आपको बालों को नेचुरल स्ट्रेस लुक देने में मदद करता है. अगर आप घुंघराले या रूखे बालों से छुटकारा पाने के लिए हेयर ट्रीटमेंट करवा रहे हैं तो जान लें ये ट्रीटमेंट काफी कम समय तक रहता है. ये 12 से 16 सप्ताह के अंदर फीका पड़ने लगता है.

सिस्टिन और केराटिन

केराटिनएक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो स्किन और नाखून के साथ ही बालों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. वहीं सिस्टेन एक तरह का अमीनो एसिड होता है, जोकेराटिनको बनाने में मदद करता है.

बालों को हेल्दी बनाने के लिए सबसे पहले उनके डैमेज होने के कारण का पता लगाएं. अगर आपके बाल पहले से बहुत ज्यादा डैमेज हैं तो सबसे पहले एक्सपर्ट की सलाह लें उसके बाद ही हेयर ट्रीटमेंट करवाएं. क्योंकि केराटिन, सिस्टीनऔर बॉटोक्स जैसे हेयर ट्रीटमेंट में कई तरह के केमिकल और बालों पर हीट का इस्तेमाल किया जाता है. जिससे आपके डैमेज बालों को नुकसान भी पहुंच सकता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.