Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

महू के बाद अब चोरल में बाघ का मूवमेंट, गीली मिट्टी में पैरों के निशान मिले

40

इंदौर। इंदौर से महज चालीस किमी दूर एक बार फिर चोरल वनक्षेत्र में बाघ का मूवमेंट बढ़ा है। डेढ़ साल बाद यहां बाघ नजर आया है। बीते पंद्रह दिन में अलग-अलग क्षेत्र में ग्रामीणों ने बाघ को देखने का दावा किया है। कुछ स्थानों पर पगमार्क मिले है। बारिश होने से गीली मिट्टी में पैरों के निशान फैल गए हैं। इसके चलते वनकर्मियों ने आसपास के जंगलों में सर्चिंग कर रहे हैं।

महू जंगल से निकलकर अब बाघ चोरल रेंज में पहुंच चुका है। महू वनसीमा से लेकर चोरल रेंज में आने वाले गांवों में बाघ की हलचल दिखी है। अधिकारियों के मुताबिक उदयनगर से बड़वाह के बीच घना जंगल है, जो टाइगर कारिडोर है। यहां हमेशा बाघ का मूवमेंट रहता है। चूंकि डेढ़ साल पहले इंदौर-खंडवा हाइवे का काम शुरू हुआ है।

सुरंग और सड़क बनाने में भारी मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। इनकी कंपन से वन्यप्राणियों का प्राकृतिक वास प्रभावित हुआ है। यही वजह है कि चोरल से निकलकर बाघ महू-मानपुर और बड़वाह तक पहुंच गए हैं।

ये अब लौटकर अपने टाइगर कॉरिडोर में जाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। इसके चलते कभी महू तो कभी चोरल में पंजों के निशान मिलते है। डीएफओ महेंद्र सिंह सोलंकी का कहना है कि पगमार्क को देखकर अभी कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना सही नहीं होगा। निशान काफी फैले हैं। वैसे बाघ के मूवमेंट पर नजर रखे हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.