Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on CEC: 'ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, PM करवाएंगे इस्तीफा', CWC बैठक में राहुल गांधी ... 'मुसलमानों को निशाना बनाने की साजिश', धर्मवार आंकड़े मांगने पर भड़के ओवैसी Delhi Pollution GRAP 2026: सर्दियों से पहले CAQM का बड़ा फैसला, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियो... चुनाव प्रक्रिया पर फिर उठे गंभीर सवाल: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की चिट्ठी से मचा सियासी ... BJP State Incharges Meeting: बीजेपी मुख्यालय में 4 घंटे चली मैराथन बैठक, नितिन नबीन ने प्रभारियों को... Smriti Irani on Congress: हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग पर हमला कर रही कांग्रेस, स्मृति ईरानी का तीख... Delhi Police Drug Bust: लेडी डॉन पार्वती के घर से सोना, नकदी और 4 संपत्तियों के कागजात जब्त; अंतरराज... Ketan Agarwal Murder Case: पुणे में रूह कंपाने वाली साजिश, 5,053 पन्नों की चार्जशीट में 'डेथ कैप मशर... Agra-Lucknow Expressway Accident: फिरोजाबाद में भीषण सड़क हादसा, इटावा DFO विकास नायक और उनके ड्राइव... Former IAS Divya Mittal: पूर्व IAS दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री, बिना किसी दल के बनाएंगी अपना...

दुनियाभर की बुरी ताकतों का भारत में अंतिम संस्कार होता है, ऐसा क्यों बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत?

48

अयोध्या राम मंदिर के निर्माण कार्य के दौरान 16 महीनों तक चार वेदों के ‘अनुष्ठान’ में भाग लेने वाले 200 गुरू जी को सम्मानित करने के लिए वेदसेवक सम्मान सोहाला समारोह का आयोजन किया गया. जहां आरएसएस प्रमुख भागवत भी पहुंचे. वहां उन्होंने बांग्लादेश और अमेरिका समेत और देशों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बुरी ताकतें हमेशा सक्रिय और एकजुट रहती हैं, उन्हें किसी कोचिंग की जरूरत नहीं होती है. अच्छे लोगों के उलट, जिन्हें मार्गदर्शन और समर्थन की जरूरत होती है. बुरी ताकतें दुनियाभर में मौजूद हैं. उनके बुरे कृत्य हर जगह होते हैं. बांग्लादेश पहला मामला नहीं है. पहला मामला अमेरिका है.

मोहन भागवत ने आगे कहा कि मैंने एक अमेरिकी राइटर की कल्चरल डेवलपमेंट ऑफ अमेरिका नाम की एक किताब पढ़ी है, जिसमें पिछले कुछ समय, लगभग 100 सालों में अमेरिका में सांस्कृतिक पतन पर चर्चा की गई है. पहले यह पतन पोलैंड में दोहराया गया, फिर अरब वसंत के दौरान अरब देशों में फैला और हाल ही में यह बांग्लादेश में हुआ, जो दुनिया पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं और मानते हैं कि वह ही सही हैं और बाकी गलत हैं. वह लोग हैं जो अपने फायदे के लिए इन विभाजनकारी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देते हैं.

काबू करने का ज्ञान

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी प्रवृत्तियां नाश और राष्ट्रों के पतन की वजह बनती हैं. आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हमें बिना किसी डर के इन प्रवृत्तियों पर नजर रखने की जरूरत है. इतिहास बताता है कि जब यह प्रवृत्तियां बढ़ती हैं और भारत तक पहुंचती हैं, तो यहां उनका अंतिम संस्कार करते समय वह कम हो जाती हैं. यह मुमकिन है क्योंकि हमारे पास उन्हें काबू करने का ज्ञान है.

शिक्षित लोगों को लेकर चिंता

आरएसएस प्रमुख ने रोल मॉडल की कमी के वजह से खासकर शिक्षित लोगों में बढ़ते अविश्वास अनास्था और अश्रद्धा पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि आदर्श मौजूद हैं लेकिन अगर किसी शख्स को बदलना है, तो उसके मार्गदर्शन देने के लिए आसपास कोई होना चाहिए. उन्होंने आगे सवालिया लहजे में कहा कि अस्पृश्यता का शास्त्रों में कोई आधार नहीं है फिर भी यह कायम है. अगर कोई हिंदू धर्म के अंदर की प्रथाओं से निराश होकर दूसरे धर्म में चला जाता है, तो इसका दोषी कौन है?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.