Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के... भोपाल में 'हर घर तिरंगा' अभियान की भव्य तैयारी: कोलार से बैरागढ़ तक निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रशासन न... रतलाम में 24 घंटे में ढाई इंच बारिश: फसलों को मिला संजीवनी बूस्टर, जिला अस्पताल के वार्डों में टपका ... मध्य प्रदेश में बाहरी मजदूरों के वनोपज बोनस पर लगेगी रोक: मोहन यादव कैबिनेट का बड़ा फैसला, केवल स्था...

पूर्णिया में बड़ा हादसा, नदी में पलटी नाव, 12 लोग वाहन समेत डूबे

34

बिहार के पूर्णियां में एक बड़ा हादसा हुआ है. यहां एक नाव के नदी के तेज बहाव में डूब जाने से तकरीबन एक दर्जन लोग पानी में डूब गए. इसके अलावा कई वाहन भी लापता बताए जा रहे हैं. पूर्णियां जिले के नगर प्रखंड के बेला रिकाबगंज पंचायत के रंनका घाट पर सौरा नदी में ये नाव हादसा हुआ है. इस हादसे में करीब एक दर्जन लोग नदी में डूब गए. हालांकि, सभी लोगों को बचा लिया गया है.

वहीं नदी के तेज बहाव में डूबते लोगों को स्थानीय लोगों ने बचाया. नाव पर सवार कई मोटरसाइकिल और साइकिल भी नदी में डूब गई हैं जिसकी तलाश गोताखोर कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, हादसे में डूबने वाले लोग अक्सर काम की तलाश में और रोज के कामकाज के लिए पूर्णियां आते थे.

नाव पर सवार थे क्षमता से ज्यादा लोग

ये लोग नाव पर सवार होकर हर दिन काम की तलाश में और दैनिक काम के लिए पूर्णियां आते थे. जानकारी के मुताबिक, नाव पर क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे इसलिए ये बड़ा हादसा हुआ. पहले क्षमता से ज्यादा लोग और उसके ऊपर कई सारे वाहनों के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया जिससे नाव डूब गई. बीच नदी में सभी लोग नदी में गिर गए और डूबने लगे. लोगों को इस तरह से डूबता देख नदी के किनारे खड़े और लोगों में हड़कंप मच गया.

आजादी के बाद से नहीं हुआ पुल निर्माण

घटना को देख स्थानीय गोताखोरों ने नदी में कूद एक कर सभी को बाहर निकाला. वहीं दो महिलाएं ज्यादा पानी सांसों के साथ अंदर लेने की वजह से बेहोश हो गईं जिनका स्थानीय स्तर पर इलाज कराया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, आजादी के बाद से यहां पर कभी भी किसी पुल का निर्माण नहीं हुआ है. कम पानी में चचरी पुल से और ज्यादा पानी होने पर नाव ही, आवागमन का एकमात्र साधन है, जबकि जिला मुख्यालय से यहां की दूरी मात्र 5 किमी है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.