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दिल्ली कोचिंग हादसा: धरने के बाद आमरण अनशन पर बैठे छात्र, सामने रखीं अपनी मांगें

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ओल्ड राजेंद्र नगर में राव आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में तीन स्टूडेंट्स की मौत के मामले पर बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है. एमसीडी ने अभी तक मामले पर कार्रवाई करते हुए बेसमेंट में चल रहे 29 यूपीएससी कोचिंग सेंटर को सील कर दिया है. वहीं छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है. इस बीच मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है. करीब दर्जन भर छात्र मंगलवार देर रात से कोचिंग सेंटर के बाहर अनशन पर बैठे हैं.

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की मांग है कि ओल्ड राजेंद्र नगर, पटेल नगर और सभी प्रभावित स्थानों में इस तरह की गंभीर कुप्रबंधन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल राव आईएएस, एमसीडी , अधिकारियों और सार्वजनिक कर्मियों से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. इसके साथ ही प्रत्येक मृतक के लिए सरकार और संस्थान दोनों 2 करोड़ का मुआवजा दिया जाना चाहिए.

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‘सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच’

छात्रों का कहना है कि मामले की जांच की पूरी प्रक्रिया की निगरानी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जानी चाहिए. सुरक्षा और सुरक्षा उपायों के लिए सभी बेसमेंट की उचित जांच होनी चाहिए जिसमें कोचिंग संस्थान, पुस्तकालय और पीजी (कमजोर और पुरानी बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर) शामिल हैं और जो अवैध पाए गए उन्हें तत्काल प्रभाव से स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना चाहिए. स्थानीय विधायक, सांसद और एमसीडी कमिश्नर उनके पास आएं और उनसे बात करें.

‘सीसीटीवी फुटेज जारी किया जाना चाहिए’

छात्रों की मांग है कि दर्ज एफआईआर को सार्वजनिक किया जाना चाहिए और जो लोग शामिल हैं उनके नाम सार्वजनिक जीवन में नामित किया जाना चाहिए. सीसीटीवी फुटेज जारी किया जाना चाहिए, आसपास के सभी कैमरों की स्थिति का सर्वेक्षण, जांच और कोचिंग संस्थान, पुस्तकालय और इन स्थानों पर चलने वाले सभी व्यवसायों को एनओसी जारी करने के लिए सभी नगर निकायों के सदस्यों को शामिल करते हुए एक समिति का गठन किया जाना चाहिए. इसी तरह की 9 मांगों को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

‘मांगे न मानने तक जारी रहेगा प्रदर्शन’

छात्रों का कहना है कि उन्हें इसलिए गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है क्यों कि वह अभ्यर्थी हैं और थक हारकर, टूट कर कुछ समय बाद पढ़ाई पर वापस लौट जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं है. छात्रों ने कहा कि न्याय नहीं मिलने तक प्रदर्शन जारी रहेगा और वो लोग पीछे नहीं हटेंगे. उनका कहना है कि मांगें पूरी न होने तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि पिछले 4 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन इस दौरान उनसे कोई भी बात करने नहीं आया.

‘कोचिंग के लिए बेसमेंट के इस्तेमाल पर लगे रोक’

छात्रों ने कहा कि स्थानीय विधायक, सांसद और एमसीडी कमिश्नर उने पास आएं और उनसे बात करें. छात्रों का कहना है कि घटना में दर्ज एफआईआर का पूरा ब्यौरा, समिति को एक निश्चित समय सीमा के अंदर रिपोर्ट देनी चाहिए . इसके साथ ही उनकी यह भी मांग है कि पूरी दिल्ली में लाइब्रेरी और कोचिंग के लिए बेसमेंट के इस्तेमाल पर रोक लगाना चाहिए.

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