Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दलबदल कानून की व्यावहारिक कमजोरी: लोकसभा में लटकीं अयोग्यता याचिकाएं; सुप्रीम कोर्ट के 3 महीने के नि... क्या भारत की राजनीति पलट देगी जेन जी? 38 करोड़ युवा वोटरों को साधने में जुटीं पार्टियां, जानें चुनाव... गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में हंगामा: पैलेट गन और लाठीचार्ज पर तकरार जर्जर स्कूलों पर सरकारों का बड़ा फैसला: राजस्थान में ₹12,500 करोड़ और UP में ₹604 करोड़ का बजट, जेन ... डूंगरपुर: सत्तु देवकी स्कूल में भरभराकर गिरी कमरे की छत, 120 बच्चे थे मौजूद; बंद कमरा होने से टला बड... रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: DRDO की पारंपरिक मिसाइल तकनीक भारतीय उद्योगों को होगी ट्रांसफर मुंबई में ऑटो चालकों की मराठी परीक्षा पर नया विवाद: 'सिलेबस से बाहर के सवाल पूछ रहा RTO', यूनियन ने ... इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की स्कूल में हिजाब पहनने की याचिका: फैसले को चुनौती देगा AIMPLB; कोर्ट बो... सिंगरौली में फायर ब्रिगेड के पानी से धोई गई BJP विधायक की गाड़ी: कमिश्नर आवास का वीडियो वायरल, सवालो... कानपुर में कूड़े के ढेर से एक्सपायरी टॉफी-चॉकलेट लूटने की मची होड़: वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य व...

भोलेनाथ का वो मंत्र, जिसके जाप से हर मुसीबतों से मिल जाता है छुटकारा!

34

हिन्दू धर्म में भगवान शिव को औढरदानी के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों की पूजा से जल्द प्रसन्न होकर उनकी सभी मनोकामना को जल्द ही पूरा कर देते हैं. भगवान शिव की भक्ति करने पर लोगों को करियर, कारोबार और निजी जीवन में हर सुख और सफलता प्राप्त होती है. इसके अलावा महादेव की कृपा से घर में भी सुख-समृद्धि बनी रहती है.

शिव पुराण के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सावन के महीने में शिवलिंग की महिमा गान करने वाले लिंगाष्टकम् मंत्र को किसी शिवालय में जाकर शिवलिंग पर बेलपत्र या शमीपत्र चढ़ाते हुए करता है तो उसे महादेव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. मान्यता है कि लिंगाष्टकम् स्तोत्र का जाप करने पर जीवन में चमत्कारिक बदलाव देखने को मिलते हैं.

इस मंत्र से दूर होंगे सारे दोष

भगवान शिव की पूजा में उनकी कृपा बरसाने वाले लिंगाष्टकं मंत्र के बारे में मान्यता है कि श्रावण मास में पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रतिदिन क माला जप किया जाए तो व्यक्ति के आठ प्रकार के दोष दूर होते हैं और उस पर हमेशा भगवान भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है.

अष्टदलोपरिवेष्टित लिंगं, सर्वसमुद्भवकारण लिंगं।

अष्टदरिद्रविनाशित लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं।।

मुश्किलों से उबारने वाला मंत्र

जीवन में कई बार इंसान कुछ ऐसी समस्याओं में फंस जाता है कि लाख कोशिशों के बाद भी वह उसमें से निकल नहीं पाता है. यदि आपको भी लगता है कि आप किसी बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं और आपकी समस्याएं कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही हैं तो मुश्किलों के भंवर से निकलने के लिए आपको श्रावण में विशेष रूप से लिंगाष्टकं का पाठ करते हुए शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल चढ़ाना चाहिए. मान्यता है कि शिव पूजा के इस उपाय को करने से शिव भक्त के सभी कष्ट दूर और कामनाएं पूरी हो जाती हैं.

लिंगाष्टकम के पाठ का धार्मिक महत्व

हिंदू मान्यता के अनुसार, भगवान शिव की पूजा में लिंगाष्टकम् का पाठ करने से साधक को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में शुभता और सफलता प्राप्त होती है. लिंगाष्टकं के पाठ से उसके जीवन में सब मंगल ही मंगल होता है. महादेव का यह मंत्र जीवन से जुड़े आठ प्रकार के दुख और दारिद्रय को दूर करता है और भगवान भोलेनाथ अपने भक्त को विद्या, बुद्धि, सुख-संपदा, ऐश्वर्य, मान-सम्मान और मोक्ष प्रदान करता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.