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हरियाणा में चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, बेटी श्रुति के साथ BJP में शामिल हुईं किरण चौधरी

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हरियाणा में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. प्रदेश की दिग्गज नेताओं में शुमार वरिष्ठ नेता किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी आज बुधवार को राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गईं. एक दिन पहले मां-बेटी ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. किरण चौधरी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की बहू हैं और उन्हें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का चिर प्रतिद्वंद्वी माना जाता है.

किरण चौधरी अपनी बेटी श्रुति चौधरी के साथ आज हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री और पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गईं.

किरण चौधरी और श्रुति चौधरी, दोनों ने कल मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे अपने अलग-अलग त्यागपत्र में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. साथ ही अपने पत्र में उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा और यह आरोप लगाया कि कुछ लोग पार्टी की प्रदेश इकाई को ‘निजी जागीर’ के रूप में चला रहे हैं. श्रुति चौधरी वर्तमान में कांग्रेस की हरियाणा प्रदेश इकाई की कार्यकारी अध्यक्ष थीं. किरण हुड्डा की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के दौरान मंत्री रही थीं.

आज यहां पर सैलाब उमड़ाः श्रुति

हरियाणा में इस साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव कराए जाना है. बीजेपी पिछले 10 साल से यहां पर सत्तारुढ़ है और पार्टी जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है. जबकि कांग्रेस की कोशिश है कि 10 साल के वनवास को खत्म किया जाए.

बीजेपी ऑफिस में हरियाणा कांग्रेस की पूर्व नेता किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी ने कहा, “…आज यहां पर सैलाब उमड़ कर आ रहा है. बीजेपी की नीतियों की वजह से राज्य और देश आगे बढ़ रहे हैं, लोग बार-बार नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुन रहे हैं, यह अपने आप में इस बात का सबूत है कि बीजेपी की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. हम सभी यहां बीजेपी को मजबूत करने के लिए हैं. हम आगे की ओर देख रहे हैं.”

मां-बेटी ने हुड्डा पर लगाए आरोप

पार्टी से इस्तीफा देने के बाद भिवानी जिले के तोशाम क्षेत्र से विधायक किरण चौधरी ने मंगलवार को बताया कि वह और श्रुति चौधरी कल बुधवार को दिल्ली में बीजेपी में शामिल होंगी. मां-बेटी के बीजेपी में शामिल होने से हरियाणा में पार्टी को मजबूती मिल सकती है.

किरण (69) ने खरगे को भेजे अपने पत्र में लिखा कि कांग्रेस की हरियाणा इकाई को ‘निजी जागीर’ के रूप में चलाया जा रहा है, जबकि श्रुति चौधरी की ओर से इशारा किया गया कि प्रदेश इकाई एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द चल रही है, जिसने अपने ‘स्वार्थ’ के लिए पार्टी के हितों से समझौता कर लिया.

टिकट नहीं मिलने से चल रही थीं नाराज

माना जा रहा है किरण चौधरी लोकसभा चुनाव के लिए भिवानी-महेंद्रगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से बेटी श्रुति चौधरी को टिकट नहीं दिए जाने से नाराज चल रही थीं. साथ ही वह राज्य में पार्टी द्वारा टिकट बंटवारे से भी खुश नहीं थीं.

दूसरी ओर, कांग्रेस महासचिव और सिरसा से चुनी गईं लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा ने भी पिछले दिनों (12 जून) को पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा पर अप्रत्यक्ष रूप से कटाक्ष कहा था कि यदि आलाकमान को उचित ‘फीडबैक’ मिला होता और तो कांग्रेस हरियाणा से सभी 10 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल कर सकती थी.

कांग्रेस ने हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से 9 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि कुरुक्षेत्र सीट पर इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना उम्मीदवार खड़ा किया था. आम आदमी पार्टी को यहां पर हार मिली. जबकि बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 5-5 सीटों पर जीत मिली.-

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