Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संभागायुक्त श्री आशीष सिंह ने 4 ग्रामों में VHSND सत्रों का किया निरीक्षण, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओ... हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिले में विभिन्न आयोजन होंगे व्यापक, जनभागीदारी के साथ आयोजन के दिए निर्द... कवर्धा में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: ₹12.50 लाख के जाली नोट, टाटा पंच EV कार और प्रिंटर के साथ 3 ग... पचमढ़ी नागद्वारी मेले में दो दिन में पहुंचे 2 लाख श्रद्धालु: अव्यवस्थाओं से आक्रोशित भीड़ का हंगामा,... छतरपुर में सनसनी: मशहूर व्यापारी के इंजीनियर बेटे की रेलवे ट्रैक किनारे मिली संदिग्ध लाश, वर्क फ्रॉम... बुरहानपुर में 'वेस्ट से बेस्ट' की अनूठी मिसाल, केले के तनों से महिलाओं ने बनाईं ईको-फ्रेंडली राखियां विदिशा में बेतवा नदी के उफान से बिगड़े हालात, चरणतीर्थ घाट डूबा; शिव मंदिर में फंसे 3 बेजुबान जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग को मिली ऐतिहासिक सफलता, नई थेरेपी से एड्स पीड़ित माताओं के 13 बच्चे बने ए... ग्वालियर के श्मशान घाटों में खत्म होगी मनमानी: अब तय रेट पर मिलेंगे कंडे और लकड़ी, नगर निगम का बड़ा ... मध्य प्रदेश में लगेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट, भोपाल-विदिशा मार्ग होगा 4-लेन; MP कैबिनेट के...

जनकहाई में हुए हत्याकांड में नया मोड़, गोली मारकर हत्‍या; पोस्‍टमार्टम में नहीं निकाली

49

रीवा। जिले के तराई अंचल स्थित जनकहाई गांव में तीन से चार दिन पूर्व हुये हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की गई थी उसके शरीर से पोस्‍टमार्टम के दौरान गोली नहीं निकाली जा सकी है। पुलिस को मृतक के शरीर में धंसी गोली को बतौर साक्ष्य जुटाना था, लेकिन पीएम के दौरान गोली नहीं मिलने के बाद अब पुलिस मृतक के परिजनों से अनुमति लेकर अस्थि कलश में गोली की तलाश करने का निर्णय लिया था। पुलिस ने अस्थि कलश एवं जिस स्थान पर जलाया गया तो उसे स्थान की बारीकी से छानबीन की है। दरअसल मामला जवा थाना क्षेत्र के जनकहाई गांव में तीन से चार दिन पूर्व हत्याकांड का है।

ट्रैक्टर ना चलाने की बात पर विवाद हुआ था

 

ट्रैक्टर मालिक अनिल पटेल का चालक रामलाल केवट से ट्रैक्टर ना चलाने की बात पर विवाद हुआ था। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें रामलाल केवट के पिता रामशिरोमणि केवट की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दूसरे पक्ष से ट्रैक्टर मालिक को भी चोटें आईं, जिसका फिलहाल उपचार जारी है। इस मामले में पुलिस नें जहां हत्या के मामले में अनिल के दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तो वहीं मृतक के शव का पीएम करा परिजनों के सुपुर्द कर दिया था लेकिन पुलिस को वह गोली नहीं मिली जिससे रामशिरोमणि की मौत हुई थी।

 

पीएम के दौरान भी मृतक के शरीर में धंसी गोली नहीं मिली

बताया गया कि डॉक्टरों को पीएम के दौरान भी मृतक के शरीर में धंसी गोली नहीं मिली जिसके बाद अब पुलिस साक्ष्य जुटाने के लिये मृतक के परिजनों से अस्थि कलश में गोली की तलाश करने की सहमति लेने के बाद छानबीन की है। पुलिस का मानना है कि अंतिम संस्कार के बाद जुटाई गई अस्थियों में गोली मिलने की उम्मीद थी, जिसके पास छानबीन की है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.