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उज्जवला गैस कनेक्शन के लिए 30 फीसदी लोगों ने ही कराई ईकेवाईसी, मामले में कांग्रेस ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

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रायगढ़। राज्य शासन ने सभी जिलों को उज्जवला गैस कनेक्शन के हितग्राहियों की ई केवाईसी करने का निर्देश दिया है। जानकर हैरत होगी कि रायगढ जिले में 1 लाख 70 हजार उज्जवला हितग्राहियों में से अब तक महज 30 फीसदी हितग्राहियों ने ही ईकेवाईसी कराया है। सर्वर स्लो होने और जानकारी की कमी की वजह से ज्यादातर हितग्राही ई केवाइसी में दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं। इधर विपक्ष में बैठी कांग्रेस आंकडों को फर्जी करार दे रही है। कांग्रेस का कहना है कि पांच साल पहले भाजपा के कार्यकाल में वाहवाही लूटने के लिए अनाप शनाप कनेक्शन बांटे गए थे। ऐसे में हितग्राहियों को ढूंढने अब प्रशासन मशक्कत कर रहा है। दरअसल, प्रदेश में आई नई सरकार ने सत्ता में आने के पूर्व गैस सिलेंडर पर 500 रुपए की सब्सिडी देने की घोषणा की थी। सरकार में आते ही सभी जिलों को गैस उपभोक्ताओं की ईकेवाईसी करने के निर्देश दिए गए।

वहीं अगर रायगढ़ जिले की बात करें तो जिले में 1 लाख 76 हजार उज्जवला गैस उपभोक्ता है। इसमें से 1 लाख 6 हजार उपभोक्ता एक्टिव हैं और लगातार रिफलिंग करा रहे हैं। शासन के निर्देश के बाद कुल उपभोक्ताओं में से अब तक सिर्फ 33 फीसदी उपभोक्ताओं ने ही ईकेवाईसी कराई है। कईयों को ईकेवाईसी के बारे में जानकारी नहीं है तो कई ईकेवाईसी अपडेट करने में दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं। इधर आंकड़े सामने आने के बाद कांग्रेस राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा कार्यकाल में टारगेट दिखाने के लिए जमकर कनेक्शन बांटे गए थे। अब वास्तव में उज्जवला हितग्राही ढूंढे से नहीं मिल रहे हैं। या तो पहले के आंकड़े फर्जी थे या फिर अब सरकार जानबूझकर केवाईसी अपडेट करने के बहाने जवाबदेही से बचना चाह रही है। अगर जांच की जाए तो उज्जवा योजना में जमकर गडबडियां उजागर होंगी।

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