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नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो सगे भाई गिरफ्तार

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भोपाल । साइबर क्राइम पुलिस ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी करने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपित कभी मंत्री के रिश्तेदार तो कभी विधानसभा का अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करते थे। ऐसे ही एक बेरोजगार युवक को वन विभाग में वनपाल बनाने का झांसा देकर आरोपितों ने 15 लाख की ठगी की थी। पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।

नौकरी का झांसा देकर थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र

साइबर पुलिस के मुताबिक बिजली नगर कालोनी गोविंदपुरा निवासी 30 वर्षीय गनपत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें गनपत ने बताता कि उसका सतपुड़ा भवन के पीछे शासकीय आवास में रहने वाले अरुण मिश्रा से संपर्क था। एक दिन अरुण ने उसे बताया कि उसका एक बेटा प्रमोद मिश्रा विधानसभा में अधिकारी है। वह उससे कहकर वन विभाग में नौकरी लगवा देगा। इसके लिए 15 लाख रुपये की मांगे गए। इस पर उसने उसने नौ मई से 30 नवंबर 2022 तक प्रमोद और अरुण मिश्रा को रुपये दिए। बाद में प्रमोद मिश्रा के सगे भाई प्रकाश ने उसे वनपाल के पद का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। आरोपित ने उसे एक आइकार्ड भी दिया।

एक और युवक को लगाया चूना

प्रशांत सिंह नाम के एक अन्य युवक से भी आरोपितों ने पुलिस में भर्ती कराने के नाम पर सवा लाख रुपये हड़प लिए थे। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआइआर दर्ज गई। बाद में अरुण मिश्रा के दोनों बेटे प्रकाश मिश्रा और प्रमोद मिश्रा की तलाश की तो पता चला कि दोनों रायपुर छत्तीसगढ़ में एक निजी कंपनी में काम कर रहे हैं। दोनों गिरफ्तार करने के लिए एक टीम रायपुर भेजी गई, जहां से दोनों आरोपित को गिरफ्तार किया गया। आरोपित मूलत: ग्राम सुरसार थाना रायपुर जिला रीवा के रहने वाले और निजी काम कर इसी तरह से लोगों को नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार बनाते हैं। एसआइ सूरज रंधावा ने बताया कि आरोपितों के पिता को भी आरोपित बनाया जा रहा है।

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