Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CGSSB Lecturer Vacancy 2026: 8 विषयों में होगी शिक्षकों की भर्ती; 29 नवंबर को संभावित परीक्षा, व्याप... Durg Crime News: कॉलेज की फीस भरने के लिए बने चैन स्नेचर; दुर्ग में इंजीनियरिंग के दो छात्र-छात्रा ग... Korba News: छोटे भाई को बचाने भालू से भिड़ा बड़ा भाई! छातीबहार के जंगल में हादसा, एनजीओ की लापरवाही ... Janjgir Gambling Raid: बनारी में सूने मकान में चल रहा था हाई-प्रोफाइल जुआ; पुलिस ने निकाला कारोबारिय... Durg Cylinder Theft Case: 36 भरे एलपीजी सिलेंडर चोरी करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे; खरीदने वाल... Lesliganj Robbery Attempt: ग्राहक सेवा केंद्र में घुसे दो हथियारबंद लुटेरे; मां-बेटे ने जमकर की धुना... Karma Puja 2026: मांदर की थाप पर थिरका झारखंड; करमा पर्व की पूर्व संध्या पर रांची में सांस्कृतिक कार... State Level Nehru Hockey Tournament: रांची में सिमडेगा का दबदबा; अंडर-17 में सिमडेगा और अंडर-15 में ... Ranchi News: त्योहारों पर जरूरी सामानों की न हो किल्लत; रांची चैंबर ने एसएसपी से मांगी नो-एंट्री समय... Jhasa vs Yogendra Sau: हजारीबाग सीओ से बदसलूकी मामले में भड़का प्रशासनिक सेवा संघ; डीसी से की कार्रव...

ग्वालियर-आगरा सिक्सलेन के लिए मुरैना के 145 गांवों से ली जाएगी जमीन

40

मुरैना। ग्वालियर-मुरैना-आगरा को जोड़ने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) नई सिक्सलेन सड़क बनाने जा रही है। इस सड़क के लिए मुरैना जिले के 145 गांवों से लगभग 45 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी, इसमें लगभग 90 फीसद जमीन किसानों की होगी। एनएचएआइ ने चिह्नित की गई जमीनों के अधिग्रहण के नोटिफिकेशन जारी कर, जमीनों की जानकारी प्रशासन को दे दी है।

नए साल से जिला प्रशासन सिक्सलेन हाइवे के लिए जमीनों का अधिग्रहण शुरू कर देगा। गौरतलब है, कि आगरा से मुरैना होते हुए ग्वालियर तक जाने के लिए अभी नेशनल हाइवे 44 है, जो फोरलेन है, जो वाहनों के लिए संकरा पड़ने लगा है, इस कारण हादसे व जाम की समस्या बढ़ गई है।

इस संकट को दूर करने के लिए एनएचएआइ ने ग्वालियर से आगरा तक 88 किलोमीटर लंबा नया सिक्सलेन रोड बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए अंबाह, पोरसा व बानमोर क्षेत्र के 145 गांवों की 45 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा।

यह 45 हेक्टेयर जमीन सरकारी व निजी क्षेत्र की है। इसमें अंबाह ब्लाक में आने वाले दिमनी के 50 सर्वे नंबरों की जमीन, चिह्नत की गई है, इसमें 44 सर्वे नंबर निजी क्षेत्र की जमीन के हैं और छह सर्वे नंबरों की जमीन सरकारी है।

इसी तरह लहर गांव में 68 सर्वे नंबरों की जमीन का कुछ हिस्सा सिक्सलेन के लिए अधिग्रहण होगा, इसमें केवल एक सर्वे नंबर की जमीन सरकारी है, बाकी 67 सर्वे नंबर किसानों की जमीन के हैं।

अंबाह ब्लाक के ही ऐसाह गांव के 15 सर्वें नंबर की जमीन अधिग्रहित होनी है, इसमें नौ सर्वे नंबर सरकारी जमीन के हैं और छह सर्वे नंबर किसानों की जमीन के हैं। इनके अलावा मुरैना ब्लाक के बानमोर में 12 गांवों की जमीन सिक्सलेन हाइवे के लिए चिह्नित की गई है।

वर्तमान में नेशनल हाइवे 44 ही ग्वालियर-मुरैना-आगरा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है, जो फोर लेन है। इस फोरलेन हाइवे की क्षमता 20 हजार वाहनों की है, जिस पर वर्तमान में चलने वाले वाहनों की संख्या 42 हजार पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) तक हो गई है, इसीलिए जगह-जगह जाम लग रहे हैं और सबसे ज्यादा हादसे भी आगरा से ग्वालियर के बीच इसी हाइवे पर हो रहे हैं।

नया सिक्सलेन हाइवे बनने के बाद आगरा से ग्वालियर की दूरी 120 किलोमीटर से घटकर 88 किलोमीटर रह जाएगी। इस पर जाम व हादसों की संभावनाएं भी कम हो जाएगी और नेशनल हाईवे 44 पर भी वाहनों का दवाब कम हो जाएगा।

सिक्सलेन हाइवे के लिए जमीन अधिग्रहण होना है, एनएचएआइ ने भी जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। हमने आरआई व पटवारियों के दल गठित कर दिए गए हैं, हमारे सर्वे के बाद ही जमीनों का मुआवजा तय होगा। जिन किसानों की जमीन ली जाएगी उन्हें अधिग्रहण के लिए सहमत किया जाएगा।

-अरविंद माहौर, एसडीएम, अंबाह

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.