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एक्शन मोड में प्रशासन, 7 दिनों के अंदर नहीं किया ये काम, तो होगी सख्त कार्रवाई…

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भोपाल। मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपना पद ग्रहण करते ही एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सत्ता में आते ही सीएम मोहन यादव के आदेश पर प्रशासन भी सख्त हो गई है। बता दें कि धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकर और खुले में बिकने वाले मांस की दुकान को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीति गरमा गई है।

सीएम मोहन यादव के आदेश पर प्रशासन सख्त

दरअसल,भोपाल कलेक्टर ने कई नियमों को लेकर गाइडलाइन जारी की है, जिनमें प्रदेश के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थानों पर अब तेज आवाज में-निर्धारित मापदंड से अधिक लाउड स्पीकर या डीजे नहीं बजेंगे। इसे रोकने के लिए हर जिले में उड़नदस्तों का गठन किया जाएगा। इस संबंध का पहला आदेश मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव द्वारा मंत्रालय में पदभार संभालने के बाद जारी किया गया।

धर्मस्थलों पर सिर्फ एक लाउड स्पीकर

वहीं जारी आदेश में कहा गया कि सभी जिलों में गठित उड़नदस्ते नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होने का निरीक्षण करेंगे तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिकतम 3 दिन में जांच कर प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। जारी आदेश में धर्मस्थलों पर सिर्फ एक लाउड स्पीकर होगा और उसे भी तय ध्वनि सीमा में ही चलाया जाएगा। गाइडलाइन पालन के लिए प्रशासन ने 7 दिनों की मोहलत दी है।

कानून का उल्लंघन करने पर फिर प्रशासन सख्ती से लाउड स्पीकर जब्त करेगा। वैसे लाउड स्पीकर को लेकर प्रशासन इसलिए सख्ती बरत रही है ​क्यों कि कई धार्मिक स्थलों पर एक दर्जन से ज्यादा स्पीकर लगाए जाते हैं। 24 घंटे में कई बार फूल वल्युम से तमाम नियमों को ताक पर रख ध्वनि प्रदूषण फैलते हैं। प्रशासन ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाकर जहां इन नियमों का उल्लंघन होता है। उसकी रिपोर्ट 31 दिसंबर तक गृह विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।

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