Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आसाराम के बेटे नारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: गुजरात हाईकोर्ट वापस भेजा मामला, 3 महीने म... "राजनीति में आकर भी अंडों से डर लगता है?" TMC सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खा... छिंदवाड़ा में सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, शिकायतों पर CMHO, तहसीलदार और पटवारी तत्काल सस्पेंड NEET 2026 धांधली: परीक्षा से 3 दिन पहले लीक हुए थे पेपर! CBI चार्जशीट में NTA विषय विशेषज्ञों और सीक... E20 इथेनॉल पेट्रोल पर सियासत तेज: राहुल गांधी बोले— 'जनता की जेब से चुरा रहे पैसे', पेट्रोलियम मंत्र... महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा उलटफेर: अजित पवार की NCP की रणनीति संभालेंगे प्रशांत किशोर? सुनेत्रा पवा... अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को मिली हाईकोर्ट से पैरोल, छोटे भाई आबान के जनाजे में होंगे शामिल गाजियाबाद 4 साल की मासूम से रेप-हत्या मामला, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद दो प्राइवेट अस्पताल ₹12 ल... मुंबई के मुलुंड में पूरी सड़क ही हो गई 'गायब'! BJP विधायक मिहिर कोटेचा ने दर्ज कराई शिकायत, BMC से म... अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत: झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जाते वक्त...

पेशाब की थैली में फंसी थी सेफ्टी पिन, इंदौर के डाक्टरों ने दूरबीन पद्धति से निकाली

43

इंदौर। एमवाय अस्पताल में जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। अस्पताल में आए दिन ये सर्जरी की जा रही हैं। खास बात है कि इनमें कई मरीज वे भी शामिल होते हैं, जिन्हें निजी अस्पताल से यहां रैफर किया जाता है। ऐसा ही एक केस मंगलवार को आया, जिसमें मरीज के पेशाब की थैली में सेफ्टी पिन फंसी हुई थी, जिसे दूरबीन पद्धति से सफलतापूर्वक निकाला गया।

अस्पताल की सर्जरी ओपीडी में मंगलवार को एक 40 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर पुरुष उपचार के लिए आया था। जांच में पता चला कि उसकी पेशाब की थैली में लोहे की सेफ्टी पिन फंसी हुई है, जिसका नुकीला हिस्सा पेशाब के रास्ते में गढ़ा हुआ था। इसके कारण मरीज को काफी तकलीफ हो रही थी।

पिन किसी नस में लग जाती तो बढ़ जाती परेशानी

सर्जरी विभाग अध्यक्ष डा. मनीष कौशल के नेतृत्व में यूरोलाजी यूनिट प्रभारी डा. वैभव श्रीवास्तव ने गुरुवार को दूरबीन पद्धति से आपरेशन कर मरीज की पेशाब की थैली में फंसी सेफ्टी पिन निकाली। यह काफी जटिल था, क्योंकि यदि पिन का हिस्सा किसी नस में लग जाता तो परेशानी बढ़ सकती थी।

निजी अस्पताल से मरीज को किया था रैफर

आपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ है और डाक्टरों की निगरानी में है। वह चल भी पा रहा है। रविवार को मरीज को डिस्चार्ज भी कर दिया जाएगा। बता दें कि मरीज को एक निजी अस्पताल से यहां इलाज के लिए रैफर किया गया था। आपरेशन में डा. के ऋषि, डा. अभिनय सोनी, डा. के बोकड़े आदि का भी सहयोग रहा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.