Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on US Tariff Ruling: टैरिफ पर अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी का पीएम मोदी पर... Assam Demography Change: अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला: धुबरी और नागांव में बदली डेमोग्राफी, पूछा... गजब का धोखा! इंदौर के वकील साहब जिसे 'साला' समझकर घर लाए, वो निकला पत्नी का बॉयफ्रेंड; ऐसे खुला चौंक... IAS अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें! दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के अफसर को किया तलब, गुरुओं के अपमान के आरोपो... PM मोदी की मेरठ यात्रा से पहले बड़ी साजिश? बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा मांगने का आरोप, विधायक ने जता... Rajasthan Cyber Cell Alert: ऑनलाइन गेम के जरिए आतंकी भर्ती का खुलासा; राजस्थान साइबर सेल की माता-पित... श्रीनगर में सेना की गाड़ी के साथ बड़ा हादसा! अनियंत्रित होकर नहर में गिरा CRPF का बुलेटप्रूफ वाहन, 9... सियासी घमासान: अर्धनग्न प्रदर्शन पर CM रेखा के बिगड़े बोल! कांग्रेस ने याद दिलाया गांधी का त्याग, सि... Janakpuri Road Accident News: दिल्ली के जनकपुरी में सड़क हादसे में बच्ची की मौत, समय पर मदद न मिलने ...

बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है तुलसी विवाह, जानिए इस पर्व का महत्व और लाभ

25

इंदौर। हिंदू धर्म में तुलसी विवाह को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस शुभ दिन पर भगवान विष्णु के रूप शालिग्राम और देवी तुलसी का विवाह हुआ था। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष तुलसी विवाह का आयोजन 24 नवंबर 2023 को किया जाएगा। इस दिन को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। आइए, जानते हैं कि तुलसी विवाह का क्या महत्व है।

तुलसी विवाह शुभ मुहूर्त

द्वादशी तिथि प्रारंभ – 23 नवंबर 2023 रात्रि 09:01 बजे।

द्वादशी तिथि समाप्त – 24 नवंबर, 2023 सुबह 07:06 बजे।

मां तुलसी का पूजा मंत्र

तुलसी श्रीर्महालक्ष्मीर्विद्याविद्या यशस्विनी।

धर्म्या धर्मानना देवी देवीदेवमन: प्रिया।।

लभते सुतरां भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।

तुलसी भूर्महालक्ष्मी: पद्मिनी श्रीर्हरप्रिया।।

भगवान विष्णु का मंत्र

ॐ नमोः नारायणाय नमः

ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय नमः

तुलसी विवाह का महत्व

तुलसी विवाह का बड़ा धार्मिक महत्व है। हर साल इस खास दिन पर तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। भगवान कृष्ण के सभी मंदिरों को शानदार तरीके से सजाया जाता है। इसके अलावा देवी तुलसी के पौधे का 16 श्रृंगार किया जाता है। इसके बाद मंत्रोच्चारण के साथ भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का विवाह माता तुलसी से कराया जाता है। यह त्योहार वृन्दावन, मथुरा और नाथद्वारा में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। इस विवाह समारोह को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इस शुभ दिन पर भक्त व्रत रखकर माता तुलसी सहित श्री कृष्ण की पूजा करते हैं, जिससे सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.