Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Maihar Golamath Temple: मैहर का वो अनोखा मंदिर जहाँ नहीं है एक भी जोड़, महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्ध... Viral Wedding: सोशल मीडिया पर परवान चढ़ा प्यार, 3.8 फीट की दुल्हन और 4.2 फीट के दूल्हे की बनी 'परफेक्... Mahashivratri 2026: दूल्हा बनकर निकले पातालेश्वर महादेव, माता पार्वती संग रचाया ब्याह; बारात में जमक... Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी 'वंदे भारत' ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये क... Mahakaleshwar Temple Decoration: 4 देशों के फूलों से महका महाकाल का दरबार, बेंगलुरु के 200 कलाकारों ... Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद... Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐस... Delhi EOL Vehicle News: दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब बिना नोटिस सीधे स्क्रैप... UP Politics: पूर्व मंत्री अनीस खान समेत 100 से ज्यादा दिग्गज आज थामेंगे सपा का दामन, अखिलेश यादव की ... Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में रिश्तों का कत्ल, ढाई साल की बेटी से अश्लील हरकत करते पिता को मां...

रमा एकादशी पर की गई ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, इन नियमों का जरूर करें पालन

21

इंदौर। हिंदू धर्म में एकादशी की तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। रमा एकादशी व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस वर्ष रमा एकादशी व्रत 9 नवंबर 2023 गुरुवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि पर कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है, नहीं तो आपका व्रत खंडित हो सकता है। साथ ही इससे भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं। आइए, जानते हैं कि रमा एकादशी के दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

रमा एकादशी का महत्व

रमा एकादशी, दिवाली से पहले मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से भक्त पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इससे व्यक्ति को धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। इस दिन रात्रि के समय भगवान विष्णु की विशेष पूजा करने की परंपरा है। मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से साधक को विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है।

इन नियमों का करें पालन

– एकादशी की तिथि पर चावल नहीं खाए जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी तिथि पर चावल खाने से व्यक्ति को अगला जन्म सरीसृप के रूप में प्राप्त होता है।

– एकादशी की तिथि पर तुलसी को जल चढ़ाना भी वर्जित है। मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। ऐसे में एकादशी तिथि के दिन भूलकर भी तुलसी को जल नहीं देना चाहिए।

इन कार्यों को करने से बचें

किसी भी व्रत के दौरान शरीर और मन की सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे में एकादशी की तिथि पर मन में किसी भी तरह के बुरे विचार नहीं लाने चाहिए। इस दिन आपको झूठ बोलने और किसी के बारे में बुरा बोलने से बचना चाहिए, अन्यथा आपको व्रत का पूरा फल नहीं मिलेगा।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.