Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jabalpur-Bhopal NH-45 Toll News: जबलपुर-भोपाल हाईवे पर शाहपुरा टोल टैक्स वसूली पर रोक; नितिन गडकरी न... Nitin Gadkari Bhopal Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख; RTO में भ्रष्टाचार पर बोले— 'गा... Mandla CMO Bribe Trap: मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़... Rajasthan Mayor Election Results: राजस्थान के नगर निगमों में बीजेपी का ऐतिहासिक परचम; जयपुर, जोधपुर ... UP Assembly Election Prep: टिकट के लिए अब दिल्ली-लखनऊ में लॉबिंग नहीं चलेगी, जिलों से तैयार होगी उम्... UP International Trade Show Greater Noida: 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल, जानिए यूपी इंटरनेशनल ट्रे... SIR Process Controversy India: चुनाव आयोग पर उठे सवालों के बाद सड़कों पर उतरी कांग्रेस, CEC ज्ञानेश ... Babulal Marandi on SIR Process: एसआईआर देश हित में; नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का विपक्ष पर तंज, ... Pakur Police Action: पाकुड़ के नयाग्राम में 13 साल के दीनानाथ की निर्मम हत्या; एसडीपीओ कुमार गौरव ने... Jharkhand Voter List SIR Dispute: झारखंड में SIR प्रक्रिया को लेकर घमासान; सीजेपी चलाएगी देशव्यापी आ...

निजी कंपनी के अकाउंटेंट ने कर्मचारियों की पगार के साढ़े आठ लाख रुपये हड़पे

46

भोपाल। राजधानी के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी कंपनी के अकाउंटेंट ने कर्मचारियों को हर माह मिलने वाली सैलरी को आइडी, पासवर्ड की मदद से अपने रिश्तेदारों व परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर लिया। इस तरह आरोपित ने कंपनी के खाते से करीब साढ़े आठ लाख रुपये हड़प लिए। कंपनी के एचआर मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज किया है। आरोपित की तलाश की जा रही है।

यह है मामला

एसआइ गंगाराम वर्मा ने बताया कि साकेत नगर निवासी राहुल सिंह (39) एम्स अस्पताल गेट नंबर 4 के पीछे साकेत नगर स्थित श्रीजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में एचआर मैनेजर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी श्रीजी इंफ्रास्ट्रक्चर में मृत्युंजय जैना नाम का व्यक्ति अकाउंटेंट के पद पर काम करता था। वह कंपनी के होने वाले लेन-देन के अलावा कर्मचारियों की सैलरी भी हर माह उनके खातों में जमा करता था। इसके लिए उसे आइडी और पासवर्ड दिया गया था।

सितंबर में की थी वारदात

कंपनी के काम करने के दौरान 3 सितंबर से 20 सितंबर 2023 के बीच अकाउंटेंट मृत्युंजय जैना ने कंपनी के खाते से 13 सितंबर से कर्मचारियों को दी जाने वाली सैलरी करीब आठ लाख 46 हजार रुपये कर्मचारियों के खाते में ट्रांसफर करने के बजाए आइडी पासवर्ड की मदद से अपने रिश्तेदारों व परिचितों के खाते में ट्रांसफर कर दी। 20 सितंबर तक जब कर्मचारियों के खाते में सैलरी नहीं पहुंची तो घटना का पता चला। तब तक आरोपित मृत्युंजय जैना अचानक नौकरी छोड़कर जा चुका था। इसके बाद फरियादी राहुल सिंह ने बागसेवनिया थाना पहुंच कर मामले की लिखित शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने मृत्युंजय जैना के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज किया है। आरोपित की तलाश की जा रही है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.