Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

लगातार प्रदूषित हो रही दिल्ली की हवा, जानें अगले पांच दिन कैसा रहेगा राजधानी का हाल

48

दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार चौथे दिन बृहस्पतिवार को खराब रही और फिलहाल किसी सुधार की संभावना भी नहीं है। निगरानी एजेंसियों ने यह बात कही है। शाम चार बजे शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 256 रहा जबकि बुधवार को यह 243 और मंगलवार को 220 था। गाजियाबाद का एक्यूआई 235, फरीदाबाद का एक्यूआई 254, गुरूग्राम का एक्यूआई 230, नोएडा का एक्यूआई 191 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 260 रहा। केंद्र की दिल्ली वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली के अनुसार शहर की वायु गुणवत्ता अगले तीन-चार दिनों के दौरान ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ के बीच रहने की संभावना है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

सरकार ने वाहन प्रदूषण पर रोकथाम के लिए बृहस्पतिवार को एक अभियान भी शुरू किया। एक साल पहले उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने ऐसे ही अभियान की प्रभावोत्पादकता पर सवाल उठाते हुए उसे रोक दिया था। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान दवारा 2019 में कराया गया एक अध्ययन बताता है कि यातायात सिग्नलों पर इंजन चलते रखने पर प्रदूषण स्तर में नौ प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। दिल्ली में पिछले कुछ सालों में उत्सर्जन सूची और स्रोत विभाजन पर कराये गये अध्ययनों से पता चला कि वाहनों से जो धुंआ निकलता है , उसका हिस्सा पीएम 2.5 उत्सर्जन में नौ प्रतिशत से 38 प्रतिशत तक होता है।

मई के बाद पहली बार रविवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब हो गई थी। उसकी मुख्य वजह तापमान में गिरावट और हवा की रफ्तार है , फलस्वरूप प्रदूषक जमा हो गये। दिल्ली पदूषण नियंत्रण समिति के विश्लेषण के अनुसार एक नवंबर से 15 नवंबर तक राजधानी में प्रदूषण शीर्ष पर पहुंच जाता है जब पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं शिखर पर पहुंच जाती हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.