Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Maihar Golamath Temple: मैहर का वो अनोखा मंदिर जहाँ नहीं है एक भी जोड़, महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्ध... Viral Wedding: सोशल मीडिया पर परवान चढ़ा प्यार, 3.8 फीट की दुल्हन और 4.2 फीट के दूल्हे की बनी 'परफेक्... Mahashivratri 2026: दूल्हा बनकर निकले पातालेश्वर महादेव, माता पार्वती संग रचाया ब्याह; बारात में जमक... Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी 'वंदे भारत' ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये क... Mahakaleshwar Temple Decoration: 4 देशों के फूलों से महका महाकाल का दरबार, बेंगलुरु के 200 कलाकारों ... Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद... Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐस... Delhi EOL Vehicle News: दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब बिना नोटिस सीधे स्क्रैप... UP Politics: पूर्व मंत्री अनीस खान समेत 100 से ज्यादा दिग्गज आज थामेंगे सपा का दामन, अखिलेश यादव की ... Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में रिश्तों का कत्ल, ढाई साल की बेटी से अश्लील हरकत करते पिता को मां...

विजयादशमी पर भगवान राम ने की थी इस देवी की पूजा, जानिए विधि और महत्व

60

इंदौर। हर साल दशहरा या विजयादशमी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और अधर्म पर धर्म की विजय प्राप्त की थी। इस साल विजयादशमी का त्योहार 24 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। क्या आप जानते हैं भगवान राम ने युद्ध के मैदान में जाने से पहले किस देवी की पूजा की थी?

भगवान राम ने की थी इस देवी की पूजा

विजयादशमी के दिन देवी अपराजिता की पूजा करने की परंपरा है। अपराजिता पूजा करने का सबसे अच्छा समय दोपहर का माना जाता है। विजयादशमी के दिन भगवान राम ने रावण पर विजय पाने के लिए लंका प्रस्थान करने से पहले देवी अपराजिता की पूजा की थी। तभी से विजय प्राप्ति के लिए देवी अपराजिता की पूजा की जाने लगी। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए जाने से पहले मां अपराजिता की पूजा की जाती है।

देवी अपराजिता की पूजा का शुभ मुहूर्त

दशहरा के दिन विजय मुहूर्त दोपहर 1.58 बजे से शुरू होगा और दोपहर 2.43 बजे पर समाप्त होगा। साथ ही इस दिन दोपहर की पूजा का समय दोपहर 1.13 बजे से 3.28 बजे तक रहेगा। ऐसे में इस शुभ समय पर देवी अपराजिता की पूजा कर सकते हैं।

इस विधि से करें देवी अपराजिता की पूजा

दशहरे के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। साफ कपड़े पहनें। विजय मुहूर्त में देवी अपराजिता की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के दौरान धूप, दीप, नैवेद्य, अक्षत आदि अर्पित करें। पूजा करते समय ॐ अपराजितायै नमः मंत्र का 108 बार जाप करें। अंत में घी का दीपक जलाएं और देवी अपराजिता की आरती करें।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.