Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
वित्तीय संस्थानों पर मंडराया AI आधारित साइबर हमलों का खतरा, I4C और CERT-In ने जारी की सख्त एडवाइजरी दिवाली के पावन पर्व पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना को माना जाता ह... धनतेरस से पहले सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी, दिल्ली में सोना 1.46 लाख के पार दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई बेहद जहरीली, कई इलाकों में एक्यूआई पहुंचा 450 के पार - गंभीर श्रेणी... हिमाचल से लद्दाख तक रेल नेटवर्क, 1.31 लाख करोड़ की लागत से बनेगा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन लखनऊ ट्रिपल मर्डर की तर्ज पर कानपुर में खूनी संघर्ष, जमीनी विवाद में एक पक्ष ने चार लोगों को मारी गो... Kedartal Trekker Rescue Operation Uttarkashi: उत्तराखंड के केदारताल में लापता ट्रेकरों की तलाश तेज, ... गोरखपुर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, सीएम योगी और नितिन नबीन ने कांग्रेस पर... दरभंगा में सोशल मीडिया पर प्यार और शादी का झांसा देकर इंजीनियर से डेढ़ करोड़ की ठगी, शेयर बाजार में ... दिल्ली के स्कूल में दिल दहला देने वाली घटना, खेलकूद के बाद क्लासरूम में गिरी तीसरी कक्षा की मासूम और...

नवरात्र का सातवां दिन देवी कालरात्रि को समर्पित, नोट कर लें पूजा विधि, मंत्र और भोग

42

इंदौर।  हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व है। नवरात्र इस साल 15 अक्टूबर से शुरू हुए हैं। साथ ही इसका समापन 23 अक्टूबर को होगा। नवरात्र के सभी नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र का सातवां दिन माता कालरात्रि को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता कालरात्रि की पूजा से सभी फल प्राप्त होते हैं। तंत्र मंत्र साधक विशेष रूप से मां कालरात्रि की पूजा करते हैं। मां काली की पूजा करने से व्यक्ति भय मुक्त हो जाता है। माना जाता है कि मां काली अपने भक्तों को अकाल मृत्यु से भी बचाती हैं।

मां कालरात्रि पूजा विधि

आप अन्य दिनों की तरह ही नवरात्र की सप्तमी तिथि को भी पूजा कर सकते हैं, लेकिन देवी काली की पूजा के लिए मध्य रात्रि को सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। ऐसे में सबसे पहले पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें और चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर मां कालरात्रि की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। पूजा के दौरान मां कालरात्रि को रातरानी के फूल चढ़ाएं। गुड़ का भोग लगाएं। इसके बाद कपूर या दीपक से माता की आरती करें। इसके बाद लाल चंदन की माला से मां कालरात्रि के मंत्रों का जाप करें।

इन चीजों का लगाएं भोग

मां कालरात्रि को गुड़ बेहद प्रिय होता है। माना जाता है कि नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाने से वे प्रसन्न होती हैं।

मां कालरात्रि मंत्र

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।

लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥

वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।

वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.