Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

दशहरे पर शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाएंगे राजा महाकाल

32

उज्जैन । ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 23 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाया जाएगा। अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में सवार होकर शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाएंगे। भगवान महाकाल साल में एक बार दशहरे पर शमी पूजा के लिए नए शहर फ्रीगंज आते हैं।

उज्जैन में पं.आशीष पुजारी ने बताया महाकाल मंदिर में ग्वालियर स्टेट के पंचांग अनुसार पर्व त्योहार मनाए जाते हैं। ग्वालियर के पंचांग में दशहरे पर निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी 23 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। इसलिए 23 अक्टूबर की शाम 4 बजे परंपरा अनुसार शाही ठाठ बाट के साथ भगवान की सवारी निकाली जाएगी।

मतांतर : 24 अक्टूबर को दशहरा

इस वर्ष पंचांगीय गणना में मतांतर के कारण राखी, जन्माष्टमी, गणेश स्थापना आदि त्योहारों के संबंध में भ्रम की स्थिति बनी रही। अब विजय दशमी पर्व की तिथि को लेकर कुहासा छाया है। महाकाल मंदिर की परंपरा अनुसार भगवान महाकाल विजय दशमी पर शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं।

ग्वालियर के पंचांग अनुसार यह दिन 23 अक्टूबर को आ रहा है। जबकि अन्य पंचांगकर्ता 24 अक्टूबर को दशहरा पर्व बता रहे हैं। दशहरा मैदान सहित अन्य स्थानों पर 24 अक्टूबर को दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है।

रावण दहन नहीं, सर्वत्र विजय के लिए प्रस्थान का दिन

ज्योतिर्विद पं.आनंदशंकर व्यास ने बताया दशहरा रावण दहन का दिन नहीं है। यह सर्वत्र विजय के लिए प्रस्थान का दिन है। इस दिन राजा महाराज माता जया विजया व अपराजिता तथा शमी वृक्ष का पूजन कर राज्य विस्तार के लिए प्रस्थान करते थे। भगवान महाकाल अवंतिका के राजा हैं, इसलिए वे भी विजय पर्व दशहरा पर शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं। इस दिन रावण दहन लोकरंजन के लिए किया जाता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.