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जश्न-ए-रंग’ कार्यक्रम: देख नहीं सकतीं लेकिन सुर बिखेरकर बटोरा जलवा

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इंदौर। सांस्कृतिक विरासत में एक नया आयाम जोड़ते हुए शहर की संस्था आर्ट आन क्लिक द्वारा ‘जश्न-ए-रंग’ नामक कार्यक्रम अभिनव कला समाज सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहर के 50 प्रतिभाशाली कलाकारों ने रंग-संगीत एवं लोक संगीत की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।

दृष्टिहीन विद्यालय की छात्राओं ने भी भाग लिया

इस प्रस्तुति में देश के जाने-माने रंग निर्देशकों और संगीतकारों के नाटकों में प्रयोग किए गए गीतों का समावेश किया गया। कार्यक्रम में महेश दृष्टिहीन विद्यालय की छात्राओं ने भी भाग लिया। एक संवेदनशील एवं उत्कृष्ट पहल करते हुए आयोजकों ने अपनी संस्था के कलाकारों के साथ-साथ प्रस्तुति में दृष्टिहीन बच्चियों को जोड़ा। दो हफ्तों के अनुशासित और कड़े प्रशिक्षण के फलस्वरूप एक बेहतरीन प्रस्तुति तैयार कर उसका प्रदर्शन किया। मुख्य प्रशिक्षक हरिनारायण चढ़ार एवं सहायक प्रशिक्षक प्रजीत साकेत रहे। इनके साथ प्रिंस कुमार ने तबले और ढोलक पर संगत दी।

बुन्देलखंड के ऋतु गीत को भी शामिल किया गया

इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रीय लोक संगीत की झलक भी कार्यक्रम में देखने को मिली। मुख्य रूप से प्रसिद्ध निर्देशक बीवी कारंथ, हबीब तनवीर, संजय उपाध्याय और देवेन्द्र अहिरवार के गीतों को शामिल किया गया है। इन सभी रंग निर्देशकों, रंग संगीतकारों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं, जो इन्हें अपने-अपने समय में कुछ विशेष बनाती हैं। छत्तीसगढ़ का कर्मा गीत, बुन्देलखंड के ऋतु गीत आदि को भी शामिल किया गया।

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