Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बंगाल चुनाव 2026 के लिए BJP का 'मास्टरप्लान': 85 मुस्लिम बहुल सीटों के लिए तैयार की अलग रणनीति, ममता... जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ का बड़ा खतरा: सीमा पार 70 से ज्यादा आतंकी सक्रिय, खुफिया एजेंसियों ने ... Shahbaz Confession Wife Murder Case: ‘मैं कहकशा को पसंद नहीं करता था...’, शादी के 4 महीने बाद ही शहब... झारखंड में भी 'शीश महल' पर रार! हेमंत सोरेन के आवास पर बीजेपी नेता का बड़ा आरोप, क्या केजरीवाल की रा... उत्तराखंड की नई पहचान! टिहरी झील को स्पोर्ट्स और टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए ₹1300 करोड़ की बड़ी योज... दिल्ली में 'फांसी घर' विवाद: केजरीवाल ने भाजपा को घेरा, बोले- स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का मजाक... Tarun Murder Case: दिल्ली: उत्तम नगर में तरुण की हत्या के बाद भारी बवाल; उग्र भीड़ ने फूंकी कारें, इ... UPSC रिजल्ट में हरियाणा के एकांश ढुल ने गाड़े सफलता के झंडे; हासिल की ऑल इंडिया तीसरी रैंक, CM सैनी ... महाराष्ट्र में किसानों की बल्ले-बल्ले! फडणवीस सरकार ने किया कर्जमाफी का ऐलान, जानें किन किसानों को म... Stock Market Crash Today: शेयर बाजार लहूलुहान! कच्चे तेल की कीमतों ने बिगाड़ा खेल, मात्र 6 घंटे में ...

डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने समर्थकों के साथ रैली निकाली, यह थी वजह

38

बैतूल। छतरपुर जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ बैतूल नगर के प्रमुख मार्ग से रैली निकाली और इस्तीफा स्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर आग्रह किया

डिप्टी कलेक्टर बांगरे ने कुछ दिन पूर्व ही प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि अगर इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ तो आमरण अनशन करेंगी।

पति और बच्चे के साथ बैठकर धरना

कलेक्ट्रेट में अपने पति और बच्चे के साथ बैठकर धरना प्रदर्शन किया। उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इसी कलेक्ट्रेट में नौकरी के दौरान महिलाओं, गरीबों और आदिवासियों को न्याय दिलाया। कई बार ऐसा मौका आया कि गरीब महिलाओं को उनकी मजदूरी नहीं मिलती थी तो उनके साथ जमीन पर बैठकर उन्हें न्याय दिलाया। आज खुद न्याय पाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने की स्थिति पैदा हो रही है।

लोगों को न्याय दिलाने के लिए चुनाव लडूंगी

उन्‍होंने कहा कि जब नौकरी में रहकर हम किसी को न्याय नहीं दिला पाते हैं तो मैंने तय किया कि लोगों को न्याय दिलाने के लिए चुनाव लडूंगी, लेकिन सरकार मुझे चुनाव लड़ने से रोक रही है। सरकार मेरे संवैधानिक अधिकारों से रोक रही है। एक तरफ महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा है, दूसरी तरफ एससी वर्ग की पढ़ी लिखी महिला को न्याय नहीं मिल रहा है।

सरकार को पत्र भी लिखा

उन्‍होंने कहा कि मैंने चुनाव लड़ने का मन बना लिया है और इसको लेकर सरकार को पत्र भी लिखा है कि मैं चुनाव लड़ना चाहती हूं और मेरा इस्तीफा मंजूर किया जाए। इसके बावजूद मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं हो रहा है। इसके लिए मैंने हाईकोर्ट की शरण भी ली, लेकिन सरकार ने कोर्ट को भी गुमराह करने की कोशिश की।

निशा ने कहा कि मुझे चुनाव लड़ने से कोई नहीं रोक सकता। डिप्टी कलेक्टर बांगरे ने चेतावनी दी है कि इस्तीफा स्वीकार नहीं होता है तो वे 28 सितंबर से आंदोलन प्रारंभ करेंगी।

बांगरे के समर्थन में पारंपरिक सामाजिक जनजाग्रति सेवा समिति, सूर्यवंशी क्षत्रिय भोयर कुंबी समाज आमला, महार समाज विकास परिषद जिला बैतूल, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सहित अन्य कई संगठनों ने भी ज्ञापन सौंपकर सरकार से आग्रह किया है कि बांगरे का इस्तीफा मंजूर किया जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी बकाया राशि का भुगतान करें !