Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dhanbad News: 1 घंटे में जमींदोज हुए 4 मकान! धनबाद के लोयाबाद में भू-धंसान से दहशत; ग्रामीणों ने की ... Deoria Viral Video: बुजुर्ग का पैर पकड़कर एक्सरसाइज कराते दिखे यूपी के मंत्री सूर्य प्रताप शाही; वीड... Jodhpur Air Force Station: 'वीर गार्डियन 2026' में दिखा तेजस और F-2A का दम; एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ... Maharashtra Politics News: लातूर के होटल आमेर में खूनी वारदात; परली के शेख मन्सूर अली की हत्या, CCTV... Bareilly Nagar Nigam Action: खसरा संख्या 220-221 की जमीन पर अवैध कब्जे; नोटिस के बाद हड़कंप, वसूला ज... Katihar Express Viral Video: रात में कोलकाता जा रही ट्रेन के कोच में दिखा सांप; यात्रियों में मची अफ... IIT Bombay Suicide News: 22 साल के साहिल वाकोडे सुसाइड केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी; प्रोफेसर ... Lawrence Bishnoi Gang News: नेपाल भाग गए थे 5 लाख के इनामी बदमाश; जोधपुर के होटल से अफीम, रिवॉल्वर औ... Punjab News Today: पंजाब में फिर ठप होगी बस सेवा! 22 सितंबर से सड़कों पर नहीं उतरेंगी PUNBUS और PRTC... Ludhiana Firing News: गृह प्रवेश की पार्टी में ताबड़तोड़ फायरिंग; 15-20 बदमाशों ने बरसाईं गोलियां, 2...

डोल ग्यारस पर नगर भ्रमण करेंगे महाकाल के सेनापति काल भैरव, साल में दो बार निकलती है सवारी

28
उज्जैन। बाबा महाकालेश्वर के सेनापति कालभैरव 25 सितंबर को डोल ग्यारस के अवसर पर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। वर्ष में दो बार भगवानक कालभैरव नगर भ्रमण पर निकलते हैं। एक बार डोल ग्यारस पर और दूसरी बार भैरव अष्टमी पर। इस अवसर पर ग्वालियर के सिंधिया घराने की पगड़ी मंदिर लाई जाती है।

भगवान काल भैरव को नगर कोतवाल के रूप में भी जाना जाता है। डोल ग्यारस पर भगवान कालभैरव नगर में प्रजा का हाल जानने निकलते हैं। कहा जाता है कि भगवान महाकाल के दर्शन करने के बाद कालभैरव के दर्शन करने पर ही बाबा महाकाल के दर्शन पूर्ण माने जाते हैं। इसलिए भगवान महाकाल के दर्शन करने के पश्चात लोग कालभैरव के दर्शन करने पहुंचते हैं। यहां मदिरा भी चढ़ाई जाती है।

आज सोमवार को शाम 4 बजे भैरवगढ़ में भगवान कालभैरव की सवारी निकलेगी। सवारी से पूर्व बाबा का आकर्षक शृंगार किया जाएगा व परंपरानुसार सिंधिया परिवार की ओर से पगड़ी धारण करवाई जाएगी। शाम 4 बजे कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम भगवान कालभैरव का पूजन करेंगे, पश्चात सवारी शुरू होगी। सवारी भैरवगढ़ होते हुए सिद्धवट पहुंचेगी, जहां पूजन किया जाएगा। सवारी को लेकर मंदिर में फूलों से सजाया गया है। विद्युत रोशनी भी की गई। सवारी में भगवान कालभैरव की पालकी, बैंड, ढोल, ध्वज, घोड़े आदि होंगे। भ्रमण पश्चात सवारी रात्रि पुन: कालभैरव मंदिर पहुंचेगी। यहां आरती पूजा होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.