Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
DU DUSU Election 2026 Counting News: डूसू चुनाव में वीडियोग्राफी के बीच वोटों की गिनती जारी; विजय जु... Inspirational Story: गाजियाबाद का घरौंदा बाल आश्रम बना मिसाल; 100 बच्चे जा चुके विदेश, 1000 को मिला ... Yuvraj Manchanda Case: शादी की शॉपिंग के बाद लापता हुए युवराज का नाले में मिला शव; करोड़ों के पैसों ... Delhi Moti Nagar News: मोती नगर में सिलेंडर धमाके से ढहा ग्राउंड फ्लोर; दमकल की गाड़ियों ने पाया आग ... Delhi Crime News: बीयर पिलाकर नाबालिग से दरिंदगी, फिर चाकू से गोदा; दिल्ली के स्वरूप नगर में दिल दहल... Gwalior News: घटिया सड़क निर्माण पर ग्वालियर हाई कोर्ट सख्त; चेतकपुरी चौपाटी रोड की रिपोर्ट में भ्रष... Bhopal Laxmi Pujan: भोपाल में महाराष्ट्रीयन परिवारों के घर विराजीं ज्येष्ठ और कनिष्ठ गौरी; महाभोग मे... Rahul Gandhi Indore Visit Controversy: राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले पोस्टर वॉर; 'झूठ की गूंज' क... Rahul Gandhi Indore Visit: राहुल गांधी का इंदौर दौरा; 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में जेन-जी और युवा... Dhamtari Maratha Community: मराठा पारा में जीवंत हुई सदियों पुरानी संस्कृति; महालक्ष्मी पूजा में उमड...

भाजपा संगठन की नई पीढ़ी के सामने डैमेज कंट्रोल बना चुनौती, पार्टी छोड़ रहे कई दिग्गज

46

भोपाल। चुनाव से पहले दलबदल नई बात नहीं है लेकिन इन दिनों पार्टी छोड़कर जाने वाले कई दिग्गज नेताओं ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी का प्रादेशिक नेतृत्व डैमेज कंट्रोल नहीं कर पा रहा है। बुधवार को बालाघाट- सिवनी से सांसद रहे बोध सिंह भगत ने भाजपा छोड़ दी। दरअसल, भगत का लंबे समय से कैबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन से विवाद चल रहा है। बिसेन भी बालघाट से ही हैं।

विवाद नहीं सुलझा पा रही नई पीढ़ी के नेताओं की टीम

पार्टी संगठन चला रही नई पीढ़ी के युवा नेताओं की टीम विवाद सुलझा नहीं पाई। इससे पहले भी पूर्व सांसद और कद्दावर आदिवासी नेता मकन सिंह सोलंकी और पूर्व विधायक भंवर सिंह शेखावत भाजपा छोड़ चुके हैं। कुछ दिन पहले पार्टी के दिग्गज नेता शिवप्रकाश ने भी कोर ग्रुप की बैठक में यह प्रश्न उठाया था कि नेता पार्टी क्यों छोड़ रहे हैं? भाजपा के संस्थापकों में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी भी भाजपा छोड़ चुके हैं। माना जा रहा है कि भाजपा संगठन में पीढ़ी परिवर्तन के बाद जो नए पदाधिकारी बने, वे सबको साथ लेकर चल नहीं पा रहे हैं।

सिंधिया गुट के आने से भाजपा नेताओं के भविष्य पर प्रश्नचिह्न

हाल ही में भाजपा विधायक वीरेंद्र रघुवंशी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. सीतासरन शर्मा के भाई और पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा ने भी भाजपा को अलविदा कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। पार्टी के नेताओं का मानना है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आए कांग्रेस नेताओं के कारण भाजपा के कई नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग गया है। कुछ नेताओं के विधानसभा क्षेत्र पर अन्य दलों से आए नेताओं का कब्जा हो गया है, ऐसे नेता भी भाजपा छोड़ सकते हैं।

नाराज नेताओं को मनाने में असफल

भाजपा को भी अपने नाराज नेताओं के बारे में जानकारी है। प्रदेश के 14 बड़े नेताओं को पांच-पांच जिले सौंपकर सभी नाराज नेताओं के साथ संवाद भी करवाया गया था लेकिन मामला संवाद तक ही रह गया। अब विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और नाराज कार्यकर्ताओं की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। पहले ऐसे नेताओं की पीड़ा सुनने के लिए कैलाश जोशी, कप्तान सिंह सोलंकी या कई अन्य बुजुर्ग नेता रहते थे। अब संगठन पदाधिकारियों का मामला पत्र लिखने से लेकर जन्मोत्सव मनाने तक सीमित हो गया है।

बड़े नेताओं ने खोया कार्यकर्ताओं का भरोसा

दूसरी बड़ी वजह यह है कि अंचल के बड़े नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं का भरोसा खो दिया है, जिसके चलते वे उनके सामने अपनी बात नहीं रखते हैं। ज्यादातर मामलों में कार्यकर्ताओं की नाराजगी का कारण मात्र उपेक्षा रहती है। इसके अलावा एक बड़ा कारण संगठन में पीढ़ी परिवर्तन के कारण युवाओं के हाथ आई बागडोर भी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से आई युवा टीम ने संगठन की अनुभवी टीम का स्थान तो पा लिया लेकिन उनसे समन्वय बनाने में वे सफल नहीं हो पाए।

चुनावी राजनीति के दौर में विचार केंद्रित राजनीतिक बातों का युवा राजनेताओं में महत्व कम हुआ है। हमें पूरा विश्वास है कि युवा नेताओं में मोदी जी- शिवराज जी के प्रति जो आकर्षण है, वह हमें भाजपा में उनके विश्वास को बनाए रखने में मजबूती प्रदान करता है।

डा. हितेष वाजपेयी, प्रवक्ता, मध्य प्रदेश भाजपा

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.