Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muslim Personal Law: शरिया कानून के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नो... Bihar Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana: अब किश्तों में मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें क्या हैं नई शर्ते... Gurugram News: गुरुग्राम जा रही बैंककर्मी महिला की संदिग्ध मौत, 5 महीने पहले हुई थी शादी; पति ने पुल... Bajrang Punia News: बजरंग पूनिया ने हरियाणा सरकार को घेरा, बोले- घोषणा के बाद भी नहीं बना स्टेडियम Sohna-Tawru Rally: विकसित सोहना-तावडू महारैली में धर्मेंद्र तंवर ने किया मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत Haryana Crime: महिला बैंककर्मी की हत्या का खुलासा, पति ही निकला कातिल, शक के चलते दी दर्दनाक मौत Faridabad News: फरीदाबाद में DTP का भारी एक्शन, अवैध बैंक्विट हॉल और गेम जोन पर चला 'पीला पंजा' Faridabad News: फरीदाबाद की केमिकल फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 48 से ज्यादा लोग झुलसे लुधियाना में एसिड Attack, महिला पर युवक ने फैंका तेजाब, चीखों से गूंजा इलाका! Punjab Drug Menace: सरेआम चिट्टे का खेल! इंजेक्शन लगाते युवकों का वीडियो वायरल, दावों की खुली पोल

प्रधानमंत्री एक और सपना बेच रहे हैं : महिला आरक्षण विधेयक पर सिब्बल का आरोप

24

नई दिल्लीः पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बेचा जा रहा “एक और सपना” है और इसका लाभ महिलाओं को 2029 में ही मिल सकेगा। केंद्र सरकार ने संसद के निचले सदन, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण प्रदान करने से संबंधित ऐतिहासिक ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ को मंगलवार को लोकसभा में पेश किया।

विधेयक को राजनीतिक मकसद से लाया गयाः सिब्बल
राज्यसभा सदस्य सिब्बल ने कहा कि विधेयक को राजनीतिक मकसद से लाया गया है और उनके लिए यह समझना “आश्चर्यजनक” था कि भाजपा सरकार के 2014 में सत्ता में आने के नौ साल और चार महीने बाद यह विधेयक आज क्यों पेश किया गया। उन्होंने मीडिया से कहा, ‘‘कई वर्षों से यहां तक ​​कि 2014 से पहले भी अधिकतर राजनीतिक दलों की यह मांग रही है कि इस विधेयक को संसद में पेश किया जाए और पारित किया जाए। इसलिए, अगर मोदी जी वास्तव में महिला सशक्तिकरण में दिलचस्पी रखते तो उन्होंने 2014 में विधेयक पेश किया होता।”

महिलाओं को इसका लाभ 2029 में ही मिलेगाः सिब्बल
सिब्बल का कहना था, ‘‘2010 में जब इसे कांग्रेस द्वारा पेश किया गया था, तो पार्टी के पास पूर्ण बहुमत नहीं था और इसलिए इसे पारित नहीं किया जा सका।” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक और सपना बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर इसे 2024 के लोकसभा चुनावों से ठीक पहले श्रेय लेने के राजनीतिक मकसद से पारित किया गया था, हालांकि महिलाओं को इसका लाभ 2029 में ही मिलेगा।”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.