Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Maihar Golamath Temple: मैहर का वो अनोखा मंदिर जहाँ नहीं है एक भी जोड़, महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्ध... Viral Wedding: सोशल मीडिया पर परवान चढ़ा प्यार, 3.8 फीट की दुल्हन और 4.2 फीट के दूल्हे की बनी 'परफेक्... Mahashivratri 2026: दूल्हा बनकर निकले पातालेश्वर महादेव, माता पार्वती संग रचाया ब्याह; बारात में जमक... Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी 'वंदे भारत' ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये क... Mahakaleshwar Temple Decoration: 4 देशों के फूलों से महका महाकाल का दरबार, बेंगलुरु के 200 कलाकारों ... Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद... Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐस... Delhi EOL Vehicle News: दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब बिना नोटिस सीधे स्क्रैप... UP Politics: पूर्व मंत्री अनीस खान समेत 100 से ज्यादा दिग्गज आज थामेंगे सपा का दामन, अखिलेश यादव की ... Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में रिश्तों का कत्ल, ढाई साल की बेटी से अश्लील हरकत करते पिता को मां...

देश के प्रसिद्ध लक्ष्मी मंदिर, दर्शन करने वालों पर होती है विशेष कृपा

40
हमारे यहां शव, राम, कृष्ण, हनुमान और शनिदेव के मंदिर बहुतायत में पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त दूसरे देवी-देवताओं के मंदिर भी होते तो हैं, लेकिन उनकी संख्या इतनी नहीं होती है। दीपावली पर उत्तर भारत में मुख्यतः देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। यूं पूजा तो घरों और प्रतिष्ठानों में की जाती है, लेकिन कई लोग सुबह-सुबह मंदिर भी जाते हैं। हमारे देश में लक्ष्मी के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं। जानिए प्रमुख लक्ष्मी मंदिरों के बारे में –

अष्टलक्ष्मी मंदिर, चेन्नई : इलियट समुद्र तट के पास यह मंदिर स्थित है। यह मंदिर देवी लक्ष्मी के आठ रूप- वंश, सफलता, समृद्धि, धन, साहस, वीरता, भोजन और ज्ञान को समर्पित है। मंदिर में देवी लक्ष्मी के आठ स्वरूप 4 मंजिल में बने 8 अलग-अलग कमरों में स्थापित है। लक्ष्मी कुबेर मंदिर, वडलूर, चेन्नाई चेन्नाई के वडलूर नाम के क्षेत्र में एक अनोखा मंदिर है। यह मंदिर अनोखा इसलिए है क्योंकि इस मंदिर में भगवान कुबेर और देवी लक्ष्मी एक साथ विराजित है।

लक्ष्मी नारायण मंदिर, वेल्लोर : इस मंदिर के निर्माण में तक़रीबन 15,000 किलोग्राम विशुद्ध सोने का इस्तेमाल हुआ है। तमिलनाडु राज्य के शहर वेल्लोर से 7 किलोमीटर दूर थिरुमलाई कोड़ी में यह स्वर्ण मंदिर स्थित है। 24 अगस्त 2007 को यह मंदिर दर्शन के लिए खोला गया था।

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई: समुद्र किनारे स्थित यह मंदिर समुद्र की वजह से बहुत सुंदरऔर आकर्षक लगता है। मंदिर में कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं। मान्यता है कि मां ने एक ठेकेदार के सपने में आकर समुद्र में से तीनों मूर्तियां निकाल स्थापित करने को कहा था। मुम्बई के महालक्ष्मी मंदिर में वही तीन मूर्तियां महालक्ष्मी , महाकाली एवं महासरस्वती के रूप में स्थापित है।

लक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर: कोल्हापुर में देवी लक्ष्मी को अम्बाजी के नाम पुकारा जाता है। कहते हैं इस मंदिर का निर्माण प्राचीन काल में चालुक्य शासक कर्णदेव ने 7वीं शताब्दी में करवाया था। इसकी विशिष्टता यह है कि इस मंदिर में मां की मूर्ति पर सूर्य की किरणें पड़ती है।

अष्टलक्ष्मी मंदिर, हैदराबाद : हैदराबाद के बाहरी इलाके में देवी लक्ष्मी का अष्टलक्ष्मी नामक मंदिर है। यह मंदिर दक्षिण भारत की वास्तु कला के आधार पर बनाया गया है। इस मंदिर को 1996 में भक्तों के लिए खोला गया था। देवी के 8 अलग-अलग रूपों में विराजित होने की वजह से यह मंदिर अपने आप में खास है।

लक्ष्मी नारायण मंदिर, जयपुर: बिड़ला परिवार ने देशभर में कई मंदिरों का निर्माण करवाया है। उन्हीं में से एक है जयपुर का यह मंदिर। इस मंदिर का निर्माण 1988 में हुआ था। विशाल परिसर में बना संगमरमरका यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। यह मंदिर मुख्य रूप से दक्षिण शैली में बना हुआ है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान लक्ष्मी नारायण की बहुत ही सुन्दर मूर्ति स्थापित है।

लक्ष्मी नारायण मंदिर, दिल्ली : इसे दिल्ली का बिड़ला मंदिर भी कहते है। यह मंदिर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है। यह मंदिर मूल रूप में 1622 में वीर सिंह देव ने बनवाया था और 1793 में पृथ्वी सिंह ने जीर्णोद्धार कराया। बाद सन 1938 में इसे बिड़ला समूह ने इसका विस्तार और फिर से उद्धार किया जिसका फिर महात्मा गांधी ने उदघाटन किया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.