Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Prashant Kishor Delhi Visit: दिल्ली में जनसुराज के समर्थकों से मिले प्रशांत किशोर, राष्ट्रीय राजधानी... Delhi Stray Dogs Report: जानिए दिल्ली में क्यों बढ़ रहे हैं कुत्तों के हमले, पुरुषों और बच्चों पर ज्... Sukhbir Khalifa FIR Noida: पर्थला फ्लाईओवर पर प्रदर्शन के दौरान हंगामा, रास्ता रोकने और सरकारी संपत्... Tilak Nagar Slap Case Update: PWD मंत्री परवेश वर्मा के खिलाफ 5 शिकायतें दर्ज, लेकिन अभी तक कोई FIR ... Weather Forecast Today: मौसम का रौद्र रूप, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य भारत समेत इन राज्यों में बरसे... Ujjain Road Widening: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद हटाने पर हंगामा, पुलिस ने संभाला ... Raipur News: फिफ्टी परसेंट से ज्यादा संघर्ष के बाद रितेश पाल बने डांस रियलिटी शो के चैंपियन, मां के ... Gold and Silver Price Today: आज सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव, जानिए क्या हैं आपके शहर के ताजा भ... देश की पहली LNG ट्रेन को अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी: गुजरात को मिली ₹1,542 करोड़ के रेलवे प्रोजेक्ट्... Assam Politics News: आशुतोष रांका को असम पुलिस ने लिया हिरासत में, CJP का आरोप- 'सच्चाई सामने लाने स...

जन्माष्टमी पर मौके पर इस विधि से करें लड्डू गोपाल का पूजन, मिलेगा पूर्ण फल

67

6 और 7 सितंबर को देश भर में जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। इसे गोकुलाष्टमी, कृष्णाष्टमी, श्री जयंती, अष्टमी रोहिणी और कृष्ण जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। श्रीकृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाये जानेवाले इस त्योहार शुरूआत सुबह से होती है और आधी रात तक चलती रहती है। कई अन्य व्रतों के विपरीत, कृष्ण जन्माष्टमी का उपवास 24 घंटे लंबा होता है और आधी रात के बाद यानी भगवान कृष्ण के जन्म के बाद ही पारण किया जाता है। पूरे दिन कृष्ण भक्त मंदिरों में जप और कीर्तन चलता रहता है।

श्रीकृष्ण की पूजन विधि

इस दिन भक्तजन भगवान कृष्ण का अभिषेक करने के बाद उनकी मूर्तियों को सजाते हैं और उन्हें रंग-बिरंगे कपड़े और आभूषणों पहनाते हैं। उन्हें झूले पर बिठाया जाता है और फूलों, रोशनी वाली झालरों आदि से सजावट की जाती है। इनके लिए सजी-धजी बांसुरी भी रखी जाती है। श्रीकृष्ण को भोग लगाने के लिए कई तरह के प्रसाद बनाये जाते हैं। इनमें धनिया पंजीरी, मिश्री माखन, पंचामृत, खीर, मखाना पाग, आदि छप्पन भोग थाली शामिल है। देश के कई हिस्सों में इस दिन दही हांडी उत्सव भी मनाया जाता है।

इस तरह करें श्रीकृष्ण को प्रसन्न

  • जन्माष्टमी के मौके पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल विग्रह को खीरे में स्थापित किया जाता है। फिर रात के 12 बजे शालिग्राम को निकालकर, जन्मोत्सव मनाते हैं।
  • मान्यता है कि भगवान कृष्ण को पीले वस्त्र वस्त्र बहुत पसंद है। इसलिए इस दिन पीले या गुलाबी वस्त्र पहनकर पूजन करना अच्छा माना जाता है।
  • श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर शालिग्राम का अभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है। शंख के माध्यम से श्रीकृष्ण पर जल या दूध अर्पित करें। ऐसा करने से घर में सुख- समृद्धि आती है।
  • भगवान कृष्ण को माखन और मिश्री बहुत प्रिय है। इसलिए लड्डू गोपाल को खीर, माखन, मिश्री, दूध की मिठाई, पंजीरी आदि का भोग लगाएं। साथ ही उसमें तुलसी के पत्ते जरूरी डाल लें।
  • जन्माष्टमी के पर्व पर भूलकर भी काले वस्त्र नहीं पहनने चाहिए। विष्णु या श्रीकृष्ण की पूजा में काले कपड़ों का निषेध बताया गया है।
  • जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पत्ते ना तोड़ें। बल्कि एक दिन पहले ही तुलसी का पत्ते तोड़कर रख लें।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.