Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आसाराम के बेटे नारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: गुजरात हाईकोर्ट वापस भेजा मामला, 3 महीने म... "राजनीति में आकर भी अंडों से डर लगता है?" TMC सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खा... छिंदवाड़ा में सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, शिकायतों पर CMHO, तहसीलदार और पटवारी तत्काल सस्पेंड NEET 2026 धांधली: परीक्षा से 3 दिन पहले लीक हुए थे पेपर! CBI चार्जशीट में NTA विषय विशेषज्ञों और सीक... E20 इथेनॉल पेट्रोल पर सियासत तेज: राहुल गांधी बोले— 'जनता की जेब से चुरा रहे पैसे', पेट्रोलियम मंत्र... महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा उलटफेर: अजित पवार की NCP की रणनीति संभालेंगे प्रशांत किशोर? सुनेत्रा पवा... अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को मिली हाईकोर्ट से पैरोल, छोटे भाई आबान के जनाजे में होंगे शामिल गाजियाबाद 4 साल की मासूम से रेप-हत्या मामला, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद दो प्राइवेट अस्पताल ₹12 ल... मुंबई के मुलुंड में पूरी सड़क ही हो गई 'गायब'! BJP विधायक मिहिर कोटेचा ने दर्ज कराई शिकायत, BMC से म... अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत: झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जाते वक्त...

खीरे के बिना अधूरी है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूजा, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

42

इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 6 सितंबर को मनाई जाएगी। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने कृष्ण के रूप में 8वां अवतार लिया था। हर साल कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। कान्हा का जन्म रात्रि में हुआ था। इसलिए कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा रात को होती है। इस दिन पूजा में खीरे का प्रयोग किया जाता है। खीरे बिने भगवान कृष्ण का जन्मदिन अधूरा माना जाता है। आइए जानते हैं कि जन्माष्टमी पूजा में खीरे का उपयोग क्यों किया जाता है। इसका क्या महत्व है।

कृष्ण जन्माष्टमी पूजा में खीरा जरूर चढ़ाना चाहिए। मान्यता है कि खीरा चढ़ाने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्तों के कष्ट दूर कर देते हैं।

जन्माष्टमी पूजा में खीरे का इस्तेमाल के पीछे की मान्यता

जन्माष्टमी के दिन खीरे को काटकर उसके तने से अलग किया जाता है। इसे श्रीकृष्ण के माता देवकी से अलग होने का प्रतीक माना जाता है। ऐसा करने के बाद विधि-विधान से पूजा शुरू होती है। जन्माष्टमी के दिन खीरा काटने की प्रक्रिया को नल छेदन कहा जाता है। इस दिन पूजा के दौरान कान्हा को खीरा चढ़ाएं।

पूजा के बाद खीरे का क्या करें?

ज्यादातर लोग खीरा प्रसाद के रूप में बांटते हैं। वहीं, कुछ जगहों पर इसे नवविवाहित महिलाओं या गर्भवती महिलाओं को खिलाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यदि यह खीरा किसी गर्भवती महिला को खिलाया जाए तो श्रीकृष्ण जैसे बच्चे का जन्म होता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.